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शिक्षा विभाग का प्रशासनिक अधिकारी रिश्वत लेते गिरफ्तार

शहर में पदस्थापन करने के लिए संयुक्त निदेशक व एडीईओ के नाम से लिए 25 हजार रुपए

जोधपुर,भष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) जोधपुर की स्पेशल टीम ने शिक्षा विभाग विभाग के प्रशासनिक अधिकारी अनिल कुमार भाटी को पच्चीस हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। उसने एक स्कूली शिक्षक को शहर के निकट पदस्थापन करने की एवज में संयुक्त निदेशक प्रेमचंद सांखला व अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी विक्रम गहलोत के नाम से यह रिश्वत ली थी। एसीबी दोनों अधिकारियों की भूमिका के बारे में पड़ताल कर रही है।

एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गसिंह राजपुरोहित ने बताया कि एक परिवादी ने शिकायत दर्ज कराई कि शिक्षक के रूप में उसका पदस्थापन शहर के निकट करने के लिए शिक्षा विभाग के संयुक्त निदेशक प्रेमचंद सांखला व अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी विक्रम गहलोत उससे रिश्वत मांग परेशान कर रहे हैं। उसने आरोप लगाया कि ये दोनों अधिकारी अपने दलाल शिक्षा विभाग के संयुक्त निदेशक कार्यालय के प्रशासनिक अधिकारी अनिल कुमार भाटी के माध्यम से पचास हजार रुपए की मांग कर रहे हैं। शिकायत का सत्यापन होने के पश्चात आज पुलिस निरीक्षक राजेन्द्र सिंह के नेतृत्व में ट्रैप का आयोजन किया गया।

परिवादी पच्चीस हजार रुपए लेकर संयुक्त निदेशक कार्यालय में भाटी से मिला। परिवादी के उसे रुपए थमाते ही एसीबी की टीम ने उसे दबोच लिया। उसकी जेब से रंग लगे रुपए बरामद कर लिए गए। एसीबी की टीम भाटी के मकान की तलाशी ले रही है। इस पूरे मामले में शिक्षा विभाग के संयुक्त निदेशक प्रेमचंद सांखला व अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी विक्रम गहलोत की भूमिका की जांच की जा रही है।

यह है मामला 

एक शिक्षक की पोस्टिंग भाभोर की ढाणी के स्कूल में थी। संयुक्त निदेशक प्रेमचंद सांखला ने विभागीय कारणों से उसे एपीओ कर दिया। इस आदेश के खिलाफ शिक्षक ने रिट याचिका दायर की। आनन-फानन में संयुक्त निदेशक कार्यालय की तरफ से उसे बाड़मेर के गुड़ामालानी में पोस्टिंग दे दी गई। शिक्षक ने इस पोस्टिंग के आदेश को चुनौती दी। हाईकोर्ट ने शिक्षक का पदस्थापन शहर के निकट किसी स्कूल में करने का आदेश दिया। इस आदेश की पालना करवाने के लिए शिक्षक संयुक्त निदेशक कार्यालय के चक्कर लगा रहा था। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारी अनिल कुमार भाटी ने उसे बताया कि उसका पद स्थापन शहर के निकट करने के लिए अधिकारी पचास हजार रुपए की मांग कर रहे हैं। इसमें से पच्चीस हजार रुपए काम होने से पहले और शेष पच्चीस हजार रुपए काम होने के बाद देने थे। आज पहली किस्त के रूप में पच्चीस हजार रुपए लेते एसीबी ने भाटी को गिरफ्तार कर लिया।

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