जोधपुर, कोविड-19 वैक्सीनेशन को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से नवीन गाइडलाइन जारी कर सुनिश्चित किया गया है, कि लाभार्थियों को विभिन्न परिस्थितियों में निर्धारित समय तक कोविड वैक्सीन नहीं लगाई जाएगी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ बलवंत मंडा एवं आरसीएच डॉक्टर कौशल दवे ने बताया कि निदेशालय जयपुर से प्राप्त निर्देशों के अनुसार नेशनल एक्सपर्ट ग्रुप ऑन वैक्सीन एडमिनिस्ट्रेशन फॉर कोविड-19 द्वारा कोविड-19 टीकाकरण को लागू करने की रणनीति के संदर्भ में निरन्तर मार्गदर्शन किया जा रहा है। इसी के तहत उक्त कमेटी ने महामारी के समय में उत्पन्न हुई विभिन्न परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए वैज्ञानिक तथ्य एवं वैश्विक अनुभवों के आधार पर कोविड-19 टीकाकरण के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं, जिन्हें स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा स्वीकार करते हुए इन्हें लागू करने के आदेश पारित किए हैं।
महत्वपूर्ण बिंदु निम्न प्रकार है
– यदि किसी व्यक्ति को लैब टेस्ट में कोविड19 बीमारी से ग्रसित पाया जाता है तो उसे रिकवर होने से तीन माह की अवधि तक कोविड 19 वैक्सीन नहीं लगवानी चाहिए।
– कोविड-19 मरीज जिसे एंटीबॉडिज या प्लाज्मा दिया गया है तो उसे चिकित्सालय से डिस्चार्ज होने के बाद तीन माह की अवधि तक कोविड वैक्सीन नहीं लगवानी चाहिए।
– किसी को कोविड-19 वैक्सीन की प्रथम डोज लगाई गई है तथा निर्धारित समय पर द्वितीय डोज प्राप्त करने से पूर्व कोविड संक्रमण हो गया है तो कोविड से रिकवर होने के तीन माह की अवधि तक कोविड-19 वैक्सीन नहीं लगवानी चाहिए।
– यदि किसी व्यक्ति को अन्य गंभीर बीमारी के कारण चिकित्सालय अथवा आईसीयू में भर्ती किया गया हो तो, उन्हें चार से आठ सप्ताह तक कोविड वैक्सीन के लिए रूकना चाहिए।
–कोई भी व्यक्ति वैक्सीन लगवाने के 14 दिन बाद रक्तदान कर सकता है। इसी तरह कोई भी कोविड से ग्रसित व्यक्ति आरटीपीसीआर नेगेटिव होने के 14 दिन बाद रक्तदान कर सकता है।
–सभी धात्री महिलाओं को कोविड वैक्सीन लगाई जा सकती है।
– वैक्सीन लगवाने से पूर्व लाभार्थी को रेपिड टेस्ट से स्क्रीनिंग किए जाने की आवश्यकता नहीं है।
ये भी पढ़े :- वेक्सिनेशन,कोविड प्रोटोकॉल और सामाजिक व्यवहार से बच्चों एवं युवाओं को बचाना होगा-ईसाबेल बर्डन