विश्व स्ट्रोक दिवस पर एमडीएम अस्पताल में जन-जागरूकता
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),विश्व स्ट्रोक दिवस पर एमडीएम अस्पताल में जन-जागरूकता। विश्व स्ट्रोक दिवस के अवसर पर डॉ.एसएन मेडिकल कॉलेज एवं मथुरादास माथुर (एमडीएम) अस्पताल,जोधपुर के न्यूरोलॉजी विभाग द्वारा स्ट्रोक के लक्षणों,समय पर उपचार एवं बचाव के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने हेतु कार्यक्रम आयोजित किया गया।
रात 11 बजे के बाद ट्रेन में नहीं होगी मोबाइल चार्जिंग
कार्यक्रम में प्रधानाचार्य डॉ एसएन मेडिकल कालेज डॉ. बीएस जोधा,एमडीएमएच अस्पताल अधीक्षक डॉ.विकास राजपुरोहित एवं न्यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ.शुभकरण खीचड़,एसोसिएट प्रोफेसर डॉ.रीनू चौधरी की गरिमामयी उपस्थिति रही।
इस अवसर पर एसोसिएट प्रोफेसर डॉ.रीनू चौधरी ने कहा कि चेहरे का अचानक टेढ़ा होना,हाथ-पैर में कमजोरी तथा बोलने में परेशानी स्ट्रोक के प्रमुख लक्षण हैं। उन्होंने बताया कि स्ट्रोक का उपचार समय- संवेदी है,इसलिए लक्षण दिखाई देते ही मरीज को बिना देरी अस्पताल पहुँचाना आवश्यक है।
डॉ रीनू चौधरी ने कहा कि एमडीएम अस्पताल में पात्र मरीजों के लिए थ्रोम्बोलाइसिस एवं डीएसए लैब के माध्यम से मैकेनिकल थ्रोम्बेक्टॉमी जैसी उन्नत उपचार सुविधाएँ निःशुल्क उपलब्ध हैं। उन्होंने उपचार के बाद नियमित फॉलो-अप एवं चिकित्सकीय सलाह का पालन करने पर भी जोर दिया।
असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ.प्रदीप ललवानी ने उच्च रक्तचाप,मधुमेह,बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल एवं तंबाकू सेवन जैसे जोखिम कारकों पर नियंत्रण रखने की आवश्यकता बताई।
मुख्य संदेश
स्ट्रोक में हर मिनट कीमती है,समय पर अस्पताल पहुँचें, उचित उपचार लें और नियमित फॉलो-अप अवश्य करवाएँ।
Related posts:

बच्चों ने समझा स्वच्छता का महत्व

जिला परिषद में 69.55% और पंचायत समिति में 69.58% मतदान

विधिक माप विज्ञान प्रकोष्ठ की कार्रवाई तीन प्रतिष्ठानों में एमआरपी जांच

एमबीएम: सस्टेनेबिलिटी सर्टिफिकेट प्रोग्राम पर संवाद

दो गुटों के लोग आपस में भिड़ेे पथराव में चार पांच लोग घायल गाड़ियों के शीशे फोड़े

वार्ड नं. 60 के रामगली मोहल्ले में सफाई बदहाल

पैरोल अवधि बीतने पर भी आसाराम जेल नहीं पहुंचा प्रहरी ने कराया फरारी का केस दर्ज

परिचित बनकर खाते में पैसे डालना बताया फिर शातिर ने फ्रॉड कर खाते से निकाले 50 हजार

