ट्रेन छूटने से महज 5 मिनट पहले खुला राज,एसी कोच में मिली शराब की खेप

  • पांच बैगों में 72.75 लीटर शराब लेकर गुजरात जा रहा था पाली का आरोपी
  • ए-1 कोच में सीट नंबर 17 के नीचे छिपाई थी 1.3 लाख रुपए की शराब
  • आरपीएफ ने आरोपी को जीआरपी के सुपुर्द किया

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),ट्रेन छूटने से महज 5 मिनट पहले खुला राज,एसी कोच में मिली शराब की खेप। ट्रेन छूटने में महज पांच मिनट बाकी थे। इसी दौरान आरपीएफ की नजर हड़पसर सुपरफास्ट एक्सप्रेस के एसी कोच में सीट के नीचे रखे पांच बैगों पर पड़ी। तलाशी ली तो उनमें ब्रांडेड शराब की 97 बोतलें मिलीं।

द्वितीय चरण के लिए 382 मतदान दल रवाना

राजस्थान में बिक्री के लिए निर्धारित शराब को गुजरात ले जाने की तैयारी थी। आरपीएफ की जोधपुर मंडल टास्क टीम ने सोमवार रात कार्रवाई करते हुए 1 लाख 3 हजार 150 रुपए की शराब बरामद की और आरोपी को पकड़कर जीआरपी के सुपुर्द कर दिया।

उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त नीतीश शर्मा ने बताया कि यह कार्रवाई महानिरीक्षक सह प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त(आरपीएफ) ज्योति कुमार सतीजा और मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी के निर्देश पर चलाए जा रहे ऑपरेशन सतर्क और नशामुक्त भारत अभियान के तहत की गई।

घटना 26 अक्टूबर की रात करीब 9.55 बजे की है। ट्रेन संख्या 20495 जोधपुर-हड़पसर सुपर फास्ट एक्सप्रेस के रवाना होने से पहले यात्री विषयक अपराध की रोकथाम हेतु गुप्त निगरानी के दौरान आरपीएफ मंडल टास्क टीम के सहायक उप निरीक्षक अशोक कुमार,हेड कांस्टेबल संजय विश्नोई और कांस्टेबल योगेंद्र व मनीष को ए-1 कोच में सीट नंबर 17 के नीचे पांच बैग रखे मिले।

तलाशी में 750 एमएल की 97 बोतलें बरामद हुईं। बोतलों पर ‘सेल फॉर इन राजस्थान’ अंकित था। शराब की कुल मात्रा 72.75 लीटर और कीमत 1लाख 3 हजार 150 रुपए आंकी गई।

शराब साबरमती में बेचने के लिए ले जाई रही थी:-
बैगों के संबंध में यात्रियों से पूछताछ के दौरान कमल किशोर सोनी (36),निवासी गुढ़ा कलां, जिला पाली ने शराब अपने होने की बात स्वीकार की। उसने बताया वह शराब साबरमती, गुजरात में बेचने के लिए ले जा रहा था। उसके पास शराब परिवहन का वैध परमिट या लाइसेंस और रेल यात्रा का वैध टिकट भी नहीं मिला।

इस पर आरपीएफ ने जीआरपी कंट्रोल को सूचना दी। इसके बाद सहायक उप निरीक्षक भोमाराम प्लेटफॉर्म नंबर चार पर पहुंचे और शराब को लिखित सुपुर्दगी के तहत कब्जे में लिया। जीआरपी ने 27 अक्टूबर को राजस्थान आबकारी अधिनियम की धारा 19/54 के तहत मुकदमा संख्या 72/2026 दर्ज किया। मामले की जांच हेड कांस्टेबल मुन्नालाल कर रहे हैं।