जोधपुर में वंदे भारत स्लीपर डिपो के दूसरे चरण का काम हुआ प्रारंभ
भगत की कोठी में 195 करोड़ रुपए से बनेगा हाईटेक – डिपो-ट्रेनिंग सेंटर से लेकर पिट लाइन और वर्कशॉप का होगा विस्तार
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),जोधपुर में वंदे भारत स्लीपर डिपो के दूसरे चरण का काम हुआ प्रारंभ। भगत की कोठी में देश के पहले वंदे भारत स्लीपर मेंटेनेंस डिपो को अत्याधुनिक स्वरूप देने की दिशा में दूसरे चरण का काम शुरू हो गया है। करीब 195 करोड़ रुपए की लागत से विकसित होने वाले इस चरण में हाईटेक ट्रेनिंग सेंटर,बहुद्देश्यीय वर्कशॉप,कवर्ड शेड और नई मेंटेनेंस सुविधाएं विकसित की जाएंगी। परियोजना को करीब दो साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि दूसरे चरण में वंदे भारत और हाई स्पीड ट्रेनों के अनुरक्षण से जुड़े इंजीनियरों और तकनीकी कर्मचारियों के प्रशिक्षण के लिए आधुनिक ट्रेनिंग सेंटर विकसित किया जाएगा। यहां ट्रेनों की आधुनिक मशीनरी और तकनीकी प्रणालियों के अनुरक्षण का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
यानी ट्रेन के पहियों और अन्य यांत्रिक उपकरणों से लेकर आधुनिक तकनीकी प्रणालियों तक के रखरखाव से जुड़ा विशेषज्ञ प्रशिक्षण इसी परिसर में उपलब्ध होगा।
उन्होंने बताया कि दूसरे चरण में इंस्पेक्शन बे-लाइन पर कवर्ड शेड के साथ बड़ा कवर्ड वर्कशॉप क्षेत्र विकसित किया जाएगा। ओएचई सुविधा से युक्त पिट लाइन का निर्माण होगा तथा पिट व्हील मेंटेनेंस की क्षमता बढ़ाई जाएगी। इसके अलावा सर्विस बिल्डिंग सहित अनुरक्षण से जुड़ी अन्य सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
इस तरह डिपो में ट्रेन के अनुरक्षण के साथ तकनीकी मानव संसाधन को तैयार करने का ढांचा भी एक ही परिसर में विकसित होगा। इंजीनियरों,तकनीकी कर्मचारियों और सहायक स्टाफ को वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों की आधुनिक मशीनरी और तकनीकी प्रणालियों से जुड़े प्रशिक्षण की सुविधा मिलेगी।
दो साल में पूरा करने का लक्ष्य
195 करोड़ रुपए की लागत वाले दूसरे चरण का काम करीब दो साल में पूरा करने का लक्ष्य है। इसके पूरा होने के बाद भगत की कोठी डिपो में वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के अनुरक्षण के लिए वर्कशॉप,पिट लाइन, कवर्ड शेड और प्रशिक्षण सुविधाओं का विस्तार हो जाएगा। इससे डिपो की तकनीकी क्षमता और अनुरक्षण व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।
