एआई से ट्रैफिक जाम और सड़क हादसों को रोकेगा IIT जोधपुर
- ट्रैफिक जाम से पहले अनुमान
- ड्राइवर के व्यवहार पर शोध
- प्रो-एक्टिव रोड सेफ्टी पर फोकस
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),एआई से ट्रैफिक जाम और सड़क हादसों को रोकेगा IIT जोधपुर। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान जोधपुर (IIT Jodhpur) की ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम्स एंड ट्रैफिक मॉडलिंग (TSTM) लैब ट्रैफिक जाम का पहले से अनुमान लगाने,ड्राइवरों के व्यवहार को समझने और सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए डेटा आधारित समाधान विकसित कर रही है।
सिविल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर इंजीनियरिंग विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर और लैब प्रमुख डॉ.रंजू मोहन के नेतृत्व में यह शोध परिवहन को सड़क और वाहनों तक सीमित न रखकर मानव व्यवहार, तकनीक और डेटा के इकोसिस्टम के रूप में देख रहा है।
लैब में भारतीय ट्रैफिक की खास चुनौती
बिना लेन अनुशासन के चलने वाले कार,बस, ट्रक,दोपहिया वाहनों के व्यवहार पर गणितीय और कंप्यूटेशनल मॉडल विकसित किए जा रहे हैं। इससे इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम और डिजिटल ट्विन तकनीक को आधार मिलेगा।
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ड्राइविंग सिम्युलेटर से शोध
लैब में लगे एडवांस ड्राइविंग सिम्युलेटर से भारतीय सड़कों की वास्तविक परिस्थितियां बनाकर ड्राइवर की प्रतिक्रिया का अध्ययन किया जा रहा है,बिना किसी को जोखिम में डाले। भारत-जापान सहयोग के JST LOTUS प्रोजेक्ट के तहत सड़क की स्थिति और ड्राइवर व्यवहार के संबंध पर काम हो रहा है।
IDS JODHA डेटासेट और AI
लैब IDS JODHA नामक व्यापक ट्रांसपोर्ट डेटासेट तैयार कर रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और Graph Neural Networks (GNNs) की मदद से सड़क पर विभिन्न यूजर्स के बीच की जटिल अंतःक्रियाओं का विश्लेषण किया जा रहा है।
प्रो-एक्टिव रोड सेफ्टी
शोध का लक्ष्य सिर्फ हादसों का विश्लेषण नहीं,बल्कि हादसे से पहले जोखिम भरी परिस्थितियों की पहचान करना है। इसके लिए ट्रैफिक फ्लो मॉडलिंग, सिमुलेशन और फील्ड डेटा को जोड़ा जा रहा है, ताकि सुरक्षित रोड डिजाइन और डेटा आधारित नीतियां बनाई जा सकें।
डॉ.रंजू मोहन ने कहा कि परिवहन लोगों,व्यवहार, बुनियादी ढांचे,तकनीक और डेटा से बना इकोसिस्टम है। हमारा लक्ष्य इसे अधिक सुरक्षित,स्मार्ट और लोगों की जरूरतों के प्रति संवेदनशील बनाना है।
