जयपुर में हुआ 10वें ब्रिक्स उद्योग मंत्रियों का सम्मेलन

  • एमएसएमई,सोलर, स्टार्टअप्स और लॉजिस्टिक्स में सहयोग पर बनी सहमति
  • 7 अगस्त को जयपुर में होगी 16वीं ब्रिक्स व्यापार मंत्रियों की बैठक

जयपुर(दूरदृष्टीन्यूज),जयपुर में हुआ 10वें ब्रिक्स उद्योग मंत्रियों का सम्मेलन। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 के अंतर्गत आज जयपुर में 10वीं ब्रिक्स उद्योग मंत्रियों की बैठक संपन्न हुई। बैठक में ब्रिक्स सदस्य देशों के उद्योग मंत्रियों और वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

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सुदृढ़शीलता,नवाचार, सहयोग और सतत विकास के लिए निर्माण थीम पर हुई इस बैठक का उद्देश्य औद्योगिक क्षमताओं को मजबूत करना,तकनीकी बदलाव अपनाना और सहयोग के नए अवसर बनाना था।

संयुक्त घोषणा पत्र को मिली मंजूरी
बैठक का मुख्य परिणाम 10वीं ब्रिक्स उद्योग मंत्रियों की बैठक का संयुक्त घोषणापत्र को अपनाना रहा। इसमें सदस्य देशों ने एमएसएमई, फोटोवोल्टिक्स,स्टार्टअप्स और लॉजिस्टिक्स में सहयोग बढ़ाकर औद्योगिक विकास को गति देने पर सहमति जताई।

चार प्रमुख उपलब्धियां
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बैठक को संबोधित करते हुए भारत की अध्यक्षता में PartNIR के तहत हुई प्रगति बताई।
-एमएसएमई इकोसिस्टम: एसएमई वर्किंग ग्रुप के सहयोग फ्रेमवर्क को अंतिम रूप दिया गया

-सौर ऊर्जा:फोटोवोल्टिक उद्योग पर ब्रिक्स वर्किंग ग्रुप के लिए कार्य-निर्देश और एक्शन प्लान स्वीकार

-स्टार्टअप्स: इनोवेशन- आधारित विकास के लिए ब्रिक्स इन्क्यूबेटर नेटवर्क और ब्रिक्स स्टार्टअप इनोवेशन फंड का प्रस्ताव रखा गया

-लॉजिस्टिक्स: मजबूत उद्योग-संबंधी ट्रांसपोर्ट सिस्टम के लिए GIS- आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग पर जोर

नेताओं ने क्या कहा
पीयूष गोयल ने कहा कि ब्रिक्स देशों को मजबूत और आत्मनिर्भर उद्योग खड़े करने के लिए एक- दूसरे की पूरक क्षमताओं का लाभ उठाना चाहिए। PartNIR इस सहयोग का मुख्य माध्यम बनेगा।
राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने मजबूत,सतत और समावेशी औद्योगिक भविष्य के लिए सहयोग, नवाचार और आपसी विश्वास की भूमिका रेखांकित की।

आगे का कार्यक्रम
भारत की अध्यक्षता में 16वीं ब्रिक्स व्यापार मंत्रियों की बैठक 7 अगस्त को जयपुर में आयोजित होगी। इसकी अध्यक्षता पीयूष गोयल करेंगे। बैठक में WTO केंद्रित,नियम-आधारित बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली,मजबूत सप्लाई चेन और एमएसएमई की भागीदारी जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। बैठक के दौरान विदेशी प्रतिनिधि सिटी पैलेस और हवा महल का सांस्कृतिक भ्रमण भी करेंगे।

यह आयोजन ‘विकसित भारत@2047’ के दृष्टिकोण में नवाचार- संचालित विकास और गहरे आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने में सहायक माना जा रहा है।