अंगदान से मिलता है मरीजों को नया जीवन
-अंगदान महादान
-MDM अस्पताल में स्टाफ प्रशिक्षण जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),अंगदान से मिलता है मरीजों को नया जीवन। MDM अस्पताल के मल्टीलेवल ICU हॉल में सोमवार को “अंगदान महादान” विषय पर स्टाफ प्रशिक्षण सह जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि MDM अस्पताल अधीक्षक डॉ.विकास राजपुरोहित थे। इस अवसर पर डॉ.सुरेन्द्र सिंह राठौड़ नोडल ऑफिसर,किडनी ट्रांसप्लांट प्रोग्राम,डॉ.छनंवर लाल असिस्टेंट प्रोफेसर, यूरोलॉजी एवं डॉ.लक्ष्मण सीनियर रेजिडेंट भी उपस्थित थे।
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अंगदान को बनाना होगा जन आंदोलन:डॉ.राजपुरोहित:-
डॉ.विकास राजपुरोहित ने कहा कि आज अंग प्रत्यारोपण की जरूरत लगातार बढ़ रही है। एक अंगदान से कई जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन मिल सकता है। उन्होंने बताया कि जो व्यक्ति जीवित अवस्था में स्वेच्छा से अंगदान करता है,वह भी पूर्णतः स्वस्थ और सामान्य जीवन जीता है। इसलिए हर व्यक्ति को अंगदान के लिए आगे आना चाहिए।
उन्होंने M1 से M5 वार्ड तक भर्ती मरीजों और परिजनों की संवेदनशील काउंसलिंग,विश्वास निर्माण और अंगदान से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिस तरह रक्तदान जन आंदोलन बना है,उसी तरह अंगदान को भी जन-जन का अभियान बनाना होगा।
ब्रेन डेड और कोमा में फर्क समझें:-
डॉ.सुरेन्द्र सिंह राठौड़ ने ब्रेन डेड की वैज्ञानिक अवधारणा समझाते हुए कहा कि समाज में इसको लेकर कई भ्रांतियां हैं। जागरूकता बढ़ने से ज्यादा लोग अंगदान के लिए आगे आएंगे।
डॉ.छनंवरलाल ने ब्रेन डेड और कोमा के बीच का अंतर स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि अंगदान जागरूकता सिर्फ एक माह तक सीमित न रहकर सालभर चलनी चाहिए।कार्यक्रम के दौरान सभी उपस्थित लोगों ने अंगदान की शपथ भी ली।
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भ्रांतियों का समाधान:-
अंत में मुख्य ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर शिमला पुनिया ने अंगदान से जुड़ी आम भ्रांतियों और शंकाओं का समाधान किया। असिस्टेंट ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर डिंपल चौहान ने अंगदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए आभार जताया।
कार्यक्रम में ऑर्गन डोनेशन काउंसलर निलोफर पंवार, नर्सिंग ऑफिसर नीलम नवल, संजय चौधरी,हितेश उदेनिया, मरीजों के परिजन और अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे।
