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न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी को 48.06 लाख रुपए चुकाने के आदेश

सीटी स्कैन बीमा दावे में 90 प्रतिशत अवमूल्यन कटौती निरस्त

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी को 48.06 लाख रुपए चुकाने के आदेश। राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने सीटी स्कैन मशीन के बीमा दावे से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में जिला आयोग के निर्णय को संशोधित करते हुए 90 प्रतिशत अवमूल्यन कटौती को अनुचित ठहराया है।

आयोग ने परिवादी की अपील स्वीकार करते हुए अवमूल्यन कटौती मात्र 15 प्रतिशत निर्धारित की तथा न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी को 48 लाख 6 हजार 167 रुपए ब्याज सहित,50 हजार रुपए हर्जाना और 10 हजार रुपए परिवाद व्यय 45 दिन के भीतर अदा करने के आदेश दिए। साथ ही बीमा कंपनी की अपील को निराधार मानते हुए खारिज कर दिया।

आयोग के अध्यक्ष देवेंद्र कच्छवाहा,न्यायिक सदस्य अरुण कुमार अग्रवाल एवं सदस्य लियाकत अली की पीठ ने यह आदेश पारित किया। आयोग ने जिला आयोग द्वारा स्वीकृत 3 लाख 6 हजार 710 रुपए की दावा राशि को बढ़ाकर 48 लाख 6 हजार 167 रुपए कर दिया। होप डायग्नोस्टिक केयर की संचालिका संगीता देवी ने अधिवक्ता अनिल भंडारी के माध्यम से दायर अपील में कहा कि बीमा कंपनी ने बीमा पॉलिसी के साथ एक जाली एवं बनावटी पृष्ठ जोडक़र 90 प्रतिशत अवमूल्यन कटौती को उचित ठहराने का प्रयास किया,जिसके आधार पर जिला आयोग ने तथ्यात्मक एवं विधिक त्रुटि करते हुए बहुत कम राशि का दावा स्वीकृत किया।

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उन्होंने उक्त पृष्ठ को कपट पूर्ण और धोखाधड़ी से ग्रसित बताते हुए अपील स्वीकार करने की मांग की। वहीं, बीमा कंपनी ने अपनी अपील में दावा किया कि संबंधित नुकसान बीमा पॉलिसी के दायरे में नहीं आता, इसलिए परिवाद खारिज किया जाना चाहिए।

राज्य उपभोक्ता आयोग ने अपने निर्णय में कहा कि पॉलिसी के साथ जोड़े गए पृष्ठ पर बीमा पॉलिसी संख्या तक अंकित नहीं थी,इसलिए उसे पॉलिसी का अभिन्न हिस्सा नहीं माना जा सकता। आयोग ने यह भी माना कि बीमा कंपनी यह साबित करने में असफल रही कि संबंधित नुकसान बीमा सुरक्षा के दायरे से बाहर था।

आयोग ने स्पष्ट किया कि केवल विवादित पृष्ठ के आधार पर 90 प्रतिशत अवमूल्यन कटौती स्वीकार करना विधिसम्मत नहीं था। इसी आधार पर बीमा कंपनी की अपील खारिज करते हुए परिवादी को संशोधित दावा राशि, ब्याज,हर्जाना एवं परिवाद व्यय का भुगतान 45 दिन में करने के निर्देश दिए।