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आवासीय भवन में संचालित कोचिंग वैध या नहीं: हाईकोर्ट

  • सरकार और अधिकारियों को रिपोर्ट पेश करने के आदेश
  • अगली सुनवाई 23 को

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),आवासीय भवन में संचालित कोचिंग वैध या नहीं: हाईकोर्ट। राजस्थान हाईकोर्ट ने एक याचिका की सुनवाई के दौरान धार्मिक स्थल की आड़ में संभावित अतिक्रमण और आवासीय क्षेत्र में संचालित कोचिंग संस्थान की वैधता पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

कोर्ट ने राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों को विस्तृत तथ्यात्मक रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। जस्टिस समीर जैन की एकलपीठ ने राजेंद्र प्रसाद मित्तल की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि यह स्पष्ट किया जाए कि क्या राजस्थान धार्मिक भवन एवं स्थान अधिनियम,1944 के प्रावधानों के विपरीत कहीं भी मंदिर या धार्मिक निर्माण किया जा सकता है।

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कोर्ट ने यह भी जानना चाहा कि क्या धार्मिक भावनाओं की आड़ में सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण को वैध माना जा सकता है।याचिकाकर्ता का कहना है कि उनके कार्यस्थल के बाहर स्थित मंदिर परिसर में असामाजिक तत्व एकत्र होकर नशा करते हैं, जिसकी शिकायत अधिकारियों से की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

हाईकोर्ट ने यह भी जांचने के निर्देश दिए कि आवासीय भवन में किराए पर संचालित कोचिंग संस्थान संबंधित नियमों के अनुरूप वैध हैं या नहीं। कोर्ट ने संबंधित अधिकारी को रिपोर्ट सहित अगली सुनवाई पर उपस्थित रहने के आदेश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 23 जुलाई को होगी।