गृह मंत्री व बंदरगाह मंत्री ने की पत्तन सुरक्षा ब्यूरो BoPS के गठन प्रगति की समीक्षा

तटीय सुरक्षा अभेद्य बनाने के लिए कंटेनर स्कैनिंग -CISF प्रशिक्षित सुरक्षा कर्मी और नभमित्र ऐप पर जोर

नई दिल्ली(दूरदृष्टीन्यूज), गृह मंत्री व बंदरगाह मंत्री ने की पत्तन सुरक्षा ब्यूरो BoPS के गठन प्रगति की समीक्षा। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और केन्द्रीय पत्तन,पोत परिवहन एवं जहाजरानी मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने पत्तन सुरक्षा ब्यूरो BoPS के गठन में हुई प्रगति की समीक्षा बैठक की। बैठक में केन्द्रीय गृह सचिव,IB निदेशक,CISF महानिदेशक सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक के मुख्य निर्देश

BoPS का गठन एवं जिम्मेदारी
BoPS का गठन Merchant Shipping Act,2025 की धारा 13 के तहत एक वैधानिक निकाय के रूप में किया जा रहा है। इसका नेतृत्व महानिदेशक करेंगे और यह पत्तन मंत्रालय के अधीन काम करेगा।

रेलवे अस्पताल में बड़ी सर्जरी 80 फीसदी बढ़ी

BoPS जहाजों और बंदरगाहों की सुरक्षा के नियामक एवं निरीक्षण कार्य,सुरक्षा सूचनाओं का समयबद्ध विश्लेषण- संग्रहण और साइबर सुरक्षा के लिए उत्तरदायी होगा। इसके लिए एक डेडिकेटेड साइबर सुरक्षा प्रभाग भी बनाया जाएगा।

सुरक्षा मानक सख्त
गृह मंत्री ने कहा कि बंदरगाहों की सुरक्षा में केवल लाइसेंस प्राप्त निजी सुरक्षा एजेंसी ही कार्य करे। तैनात कर्मी CISF से प्रशिक्षित हों। PSTI में सुरक्षाकर्मियों का प्रशिक्षण जल्द शुरू हो।

BoPS में तैनात होने वाले सभी सुरक्षाकर्मियों का डेटाबेस तैयार किया जाए। BoPS सुरक्षा वाले सभी बंदरगाहों पर कंटेनर स्कैनिंग अनिवार्य हो। CISF को विशाखापत्तनम, JNPA और मुंद्रा पोर्ट पर BoPS को सौंपी जाने वाली सुरक्षा का ट्रायल करने के निर्देश दिए गए।

तटीय और मत्स्य सुरक्षा
शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार तटीय सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए संकल्पित है। मत्स्यपालन विभाग के साथ बैठक में उन्होंने फिशिंग हार्बर्स और फिश लैन्डिंग सेंटर्स की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा।

-ISRO द्वारा विकसित ‘नभमित्र’ ऐप का व्यापक प्रचार हो ताकि अधिक नाविक इसे डाउनलोड करें।

-सभी जिलों के DM-SP से फिश लैन्डिंग सेंटर्स की सूची मांगी जाए।

-मत्स्यपालकों का पंजीकरण आसान हो।

-फिश लैन्डिंग सेंटर्स पर पर्याप्त सुरक्षा और स्थायी पुलिस कर्मियों की तैनाती हो।