गर्भसंस्कार पर 15 दिवसीय सेमी-ऑनलाइन सर्टिफिकेट कोर्स शुरू

  • डॉ.सर्वपल्ली राधाकृष्णन आयुर्वेद विवि जोधपुर
  • 7 राज्यों से 20 प्रतिभागी -स्वस्थ एवं संस्कारवान पीढ़ी निर्माण का उद्देश्य

जोधपुर(दूरदृष्टिन्यूज),गर्भसंस्कार पर 15 दिवसीय सेमी-ऑनलाइन सर्टिफिकेट कोर्स शुरू। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय के पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद के स्त्रीरोग एवं प्रसूति तंत्र विभाग तथा संवर्धिनी न्यास,नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में गर्भसंस्कार विषय पर 15 दिवसीय सेमी-ऑनलाइन सर्टिफिकेट कोर्स का शुभारंभ बुधवार को किया गया।

कुलगुरु प्रो.(वैद्य) गोविंद सहाय शुक्ल ने उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि गर्भसंस्कार भारतीय ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर है। इसका उद्देश्य केवल स्वस्थ शिशु का जन्म ही नहीं, बल्कि शारीरिक,मानसिक, बौद्धिक एवं नैतिक रूप से उत्कृष्ट भावी पीढ़ी का निर्माण करना है। उन्होंने आधुनिक विज्ञान और आयुर्वेद के समन्वय से इसे समाज तक पहुंचाने पर बल दिया।

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संवर्धिनी न्यास की गर्भ संस्कार काउंसलर डॉ.श्वेता डांगरे ने एपिजेनेटिक्स एवं वैज्ञानिक गर्भधारण तकनीकों पर व्याख्यान दिया। माधुरी सदाशिव मराठे दीदी ने कहा कि गर्भावस्था में माता का आहार,विहार,विचार, संगीत,योग एवं सकारात्मक वातावरण शिशु के विकास पर गहरा प्रभाव डालते हैं।

विभागाध्यक्ष डॉ.ए. नीलिमा ने बताया कि इस पाठ्यक्रम में देश के 7 राज्यों से 20 प्रतिभागी सहभागिता कर रहे हैं। कोर्स का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं,स्वास्थ्यकर्मियों और समाज में गर्भसंस्कार के प्रति जागरूकता फैलाना है।

कार्यक्रम में डीन प्रो.महेंद्र शर्मा,प्राचार्य प्रो.चंदन सिंह, मीडिया प्रभारी प्रो.दिनेश शर्मा सहित संकाय सदस्य, प्रतिभागी एवं स्नातकोत्तर अध्येता उपस्थित थे।