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दो माह में 73 म्यूल खाताधारक गिरफ्तार

  • ऑपरेशन म्यूल हंटर में जोधपुर ग्रामीण पुलिस की बड़ी कार्रवाई
  • 215 संदिग्ध खाताधारकों से पूछताछ

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),दो माह में 73 म्यूल खाता धारक गिरफ्तार। साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ऑपरेशन म्यूल हंटर के तहत जोधपुर ग्रामीण पुलिस ने अप्रैल- मई 2026 के दौरान बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी में इस्तेमाल किए जा रहे बैंक खातों के नेटवर्क का पर्दाफाश किया है।

अभियान के दौरान साइबर फ्रॉड से जुड़े चार प्रकरण दर्ज किए गए तथा अपने बैंक खाते साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराने वाले 73 लोगों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ इंसदादी कार्रवाई की गई।

पुलिस महानिदेशक, साइबर क्राइम एवं तकनीकी सेवाएं राजस्थान के निर्देशों तथा ग्रामीण पुलिस अधीक्षक पीडी नित्या के मार्गदर्शन में यह अभियान चलाया गया। कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालय भोपाल सिंह एवं साइबर सेल के उप अधीक्षक रतन सिंह के निकट पर्यवेक्षण में संपन्न हुई।

ग्रामीण पुलिस अधीक्षक पीडी नित्या के अनुसार अभियान के दौरान साइबर ठगी में संलिप्त संदिग्ध मोबाइल नंबरों एवं बैंक खाताधारकों की पहचान कर उनके ठिकानों पर दबिश दी गई। जांच में सामने आया कि कुछ लोग कमीशन के लालच में अपने बैंक खाते साइबर ठगों को किराये पर उपलब्ध करवा रहे थे।

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इन खातों के माध्यम से ठगी की रकम जमा कराई जाती थी, जिसे एटीएम के जरिए निकाल कर मुख्य आरोपियों तक पहुंचाया जाता था। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तीन मोबाइल फोन और एक एटीएम कार्ड भी जब्त किया है। इसके अलावा 215 संदिग्ध लेन-देन वाले खाताधारकों से पूछताछ की गई तथा संबंधित मामलों की जानकारी आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित पुलिस थानों को भेजी गई।

आमजन से अपील पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी व्यक्ति को अपना बैंक खाता,पासबुक,एटीएम कार्ड, चेकबुक या सिम कार्ड उपयोग के लिए न दें। पुलिस ने चेतावनी दी कि कमीशन या लाभ के लालच में बैंक खाता अथवा सिम कार्ड उपलब्ध कराना व्यक्ति को भी साइबर अपराध का भागीदार बना सकता है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति ने अनजाने में अपना बैंक खाता या सिम किसी अन्य को दे रखा है और उसके दुरुपयोग की आशंका है,तो वह तत्काल निकटतम पुलिस थाने या साइबर सेल को इसकी सूचना दे। साथ ही यदि कोई व्यक्ति बैंक खाते किराये पर लेने या इस प्रकार की अवैध गतिविधियों में संलिप्त दिखाई दे तो उसकी जानकारी भी तुरंत पुलिस को उपलब्ध कराई जाए।