भोगीशैल परिक्रमा: भीषण गर्मी में आस्था भारी

बेरीगंगा पहुंची यात्रा

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),भोगीशैल परिक्रमा: भीषण गर्मी में आस्था भारी। हिंदू सेवा मंडल द्वारा निकाली जा रही भोगिशैल परिक्रमा यात्रा में श्रद्धा और आस्था का सैलाब उमड़ रहा है। भीषण गर्मी,तेज धूप और कठिन पथरीले पहाड़ी रास्तों के बावजूद श्रद्धालुओं के कदम लगातार आगे बढ़ रहे हैं। चार धाम यात्रा के समान पुण्यदायक मानी जाने वाली मारवाड़ की इस प्रसिद्ध परिक्रमा ने शुक्रवार को पांचवें दिन बेरीगंगा तीर्थ में प्रवेश किया।

वैजनाथ महादेव से सुबह 5 बजे हुआ प्रस्थान
यात्रा ने शुक्रवार सुबह पांच बजे वैजनाथ महादेव मंदिर से प्रस्थान किया। इसके बाद श्रद्धालु वैजनाथ पगडण्डी, मंडलनाथ महादेव,कुण्डली माता, बीएसएफ,जोगी तीर्थ और दईजर माता मंदिर होते हुए बेरीगंगा पहुंचे। दिन एवं रात्रि विश्राम बेरीगंगा क्षेत्र में ही रखा गया।

हेरिटेज के संरक्षण से बढ़ेगा पर्यटन: पंवार

शनिवार को छठे दिन यात्रा बेरीगंगा से चलकर निम्बली तीर्थ,निम्बा तीर्थ,मण्डोर रेलवे स्टेशन बालाजी,काला-गोरा भैरूजी मंदिर होते हुए मण्डोर उद्यान पहुंचेगी। विश्राम मण्डोर उद्यान में रहेगा।

परिक्रमा के पांचवें दिन हेमलता राज्ये ने सुबह चार बजे से 8:15 बजे तक करीब दस किलोमीटर का सफर तय किया। घोर अंधेरे से उजाले तक पथरीले, पहाड़ी और तंग रास्तों पर सैनाचार्य अचलानंद गिरी के साथ पदयात्रा करते हुए उन्होंने अनेक मंदिरों में दर्शन कर मारवाड़ की खुशहाली की प्रार्थना की। पूरा मार्ग पहाड़ी उतार- चढ़ाव वाला था,लेकिन आस्था और दृढ़ विश्वास के आगे कठिन डगर भी सरल लग रही थी। परिक्रमा मार्ग पर कई जगह उनका स्वागत-सत्कार हुआ। बेरीगंगा पहुंचने से पहले राज्य सभा सांसद राजेंद्र गहलोत ने हेमलता राज्ये की अगवानी की।

शहरवासियों ने की सेवा

इधर अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला संगठन के तत्वावधान में माताजी भक्ति सागर ग्रुप ने पद यात्रियों की सेवा में बढ़- चढ़कर हिस्सा लिया। अध्यक्ष मुन्नी भाटी ने बताया कि प्रमुख संयोजक संतोष राठी के नेतृत्व में 31 महिलाओं का समूह बस से एक दिवसीय परिक्रमा पर निकला।

महिलाओं ने रातानाडा गजानंद मंदिर, प्रगट संतोषी माता मंदिर, बेरीगंगा,बैजनाथ,बड़ली भैरूजी और जबरेश्वर महादेव के दर्शन किए। सचिव मधु भंडारी ने बताया कि यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर खाद्य सामग्री,राशन,शीतल पेय, ड्राई फ्रूट्स,फल और अन्य जरूरी वस्तुएं वितरित की गईं। श्रद्धालुओं ने महिला संगठन के इस सेवा कार्य की सराहना की।

आस्था के आगे मौसम भी नतमस्तक
45 डिग्री के आसपास पहुंचते तापमान में भी बुजुर्ग,महिलाएं और युवा समान उत्साह से परिक्रमा कर रहे हैं। जगह-जगह स्थानीय लोग पानी,छाछ और छाया की व्यवस्था कर रहे हैं। आयोजकों के अनुसार यह यात्रा मारवाड़ की सांस्कृतिक एकता और धार्मिक विश्वास का प्रतीक है।