एक हुनर जो जीवन बचाए: MGH जोधपुर में गृहणियों ने सीखा CPR

  • 3 मिनट में बढ़ जाती है 70% जान बचने की उम्मीद
  • हर शुक्रवार फ्री ट्रेनिंग
  • स्किल लैब में डमी पर प्रैक्टिस
  • डॉ.फतेह सिंह बोले हर घर में एक CPR ट्रेंड सदस्य हो
  • महिलाओं ने कहा अब इमरजेंसी में घबराएंगे नहीं

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),एक हुनर जो जीवन बचाए: MGH जोधपुर में गृहणियों ने सीखा CPR। महात्मा गांधी अस्पताल की स्किल लैब शुक्रवार दोपहर जीवनरक्षक क्लासरूम बन गई। यहां गृहणियों और समाजसेवी महिलाओं को CPR यानी कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी गई। मकसद साफ था कि हर घर में एक फर्स्ट रिस्पॉन्डर तैयार करना,ताकि हार्ट अटैक के समय गोल्डन मिनट्स बर्बाद न हों।

3-5 मिनट में खेल बदल सकता है
MGH अधीक्षक डॉ.फतेह सिंह भाटी ने कहा कार्डियक अरेस्ट के शुरुआती 3-5 मिनट में सही CPR मिल जाए तो मरीज के बचने की संभावना 70% तक बढ़ जाती है। जब महिलाएं यह हुनर सीखती हैं तो पूरा परिवार,मोहल्ला सुरक्षित होता है।

फर्स्ट रिस्पॉन्डर’ आप ही हैं
एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ. राकेश कर्णावट ने समझाया कि हृदयाघात के वक्त डॉक्टर से पहले आप मौजूद होते हैं। छाती पर सही दबाव और कृत्रिम सांस से दिमाग तक ऑक्सीजन पहुंचती रहती है। यह ट्रेनिंग हर नागरिक के लिए जरूरी होनी चाहिए।

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डमी पर हाथ आजमाया,डर निकाला
स्किल लैब इंचार्ज प्रो.डॉ.शिखा सोनी ने बेहद आसान भाषा में बताया CPR कब देना है,कितना दबाव डालना है,किस रिदम में देना है। आधुनिक डमी पर महिलाओं ने खुद प्रैक्टिस की। सीनियर नर्सिंग ऑफिसर तेज कंवर और नर्सिंग इंचार्ज प्रियदर्शनी घर-घर जाकर महिलाओं को लैब तक लाईं और ट्रेनिंग दिलाई।

हर घर में एक CPR ट्रेंड हो
मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ.भंवर सिंह जोधा ने इस पहल को अनुकरणीय बताया। बोले जब गृहणियां CPR सीखती हैं तो समाज में बड़ा बदलाव आता है। MGH का यह प्रयास हर अस्पताल को करना चाहिए।

हर शुक्रवार फ्री कैंप,नाम लिखवाएं
MGH ने अपील की है कि प्रत्येक शुक्रवार दोपहर 12 से 2 बजे लगने वाले फ्री CPR कैंप में आमजन हिस्सा लें। अपना नाम लिखवाएं और जान बचाने का हुनर सीखें।

निष्कर्ष
किचन से लेकर क्लासरूम तक, अब जोधपुर की महिलाएं लाइफ सेवर बन रही हैं। क्योंकि इमरजेंसी बताकर नहीं आती,लेकिन तैयारी जिंदगी बचा सकती है।