अत्याधुनिक एवं सेमी स्पीड ट्रेनों के संचालन पर विशेष फोकस
- रेलवे ने संरक्षा और यात्री सुविधाओं को किया और मजबूत
- एलएचबी कोचों का विस्तार
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),अत्याधुनिक एवं सेमी स्पीड ट्रेनों के संचालन पर विशेष फोकस। भारतीय रेल ने यात्रियों की संरक्षा,आराम और यात्रा अनुभव को बेहतर बनाने के लिए अपने कोचों में व्यापक सुधार और आधुनिक तकनीकों को अपनाने की दिशा में बड़े कदम उठाए हैं। रेलवे द्वारा इसके लिए निरंतर नवाचार और विभिन्न कार्य किए जा रहे हैं, जिनमें एलएचबी कोचों का अधिकाधिक उपयोग और वंदे भारत ट्रेनों का संचालन प्रमुख हैं।
रेलवे द्वारा पारंपरिक आईसीएफ कोचों की जगह अधिक संरक्षित और आधुनिक एलएचबी (लिंक हॉफमैन बुश) कोचों को उपयोग में लाया जा रहा है।ये कोच एंटी- क्लाइम्बिंग सिस्टम,एयर सस्पेंशन और कम जंग लगने वाली जैसी विशेषताओं से लैस हैं,जिससे दुर्घटनाओं के दौरान नुकसान कम होता है और यात्रा अधिक आरामदायक बनती है। अप्रैल 2018 से रेलवे के उत्पादन इकाइयों में केवल एलएचबी कोचों का निर्माण किया जा रहा है। इस वर्ष 31 मार्च तक कुल 51,833 एलएचबी कोच तैयार किए जा चुके हैं। चरणबद्ध तरीके से आईसीएफ रेक को हटाकर अब तक 1,556 रेक को एलएचबी में बदला जा चुका है।
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वंदे भारत चेयर कार
यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं देने के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस के चेयर कार संस्करण को देशभर में तेजी से बढ़ाया गया है। वर्तमान में 162 वंदे भारत चेयर कार सेवाएं संचालित हो रही हैं। इन ट्रेनों में कवच सुरक्षा प्रणाली,ऑटोमैटिक प्लग डोर,सीसीटीवी कैमरे, इमरजेंसी अलार्म और टॉक-बैक यूनिट जैसे आधुनिक फीचर्स दिए गए हैं।180 किमी/घंटा की डिजाइन स्पीड और बेहतर एक्सेलरेशन इन्हें तेज और कुशल बनाते हैं। आग से सुरक्षा के लिए विशेष एरोसोल आधारित फायर डिटेक्शन सिस्टम भी लगाया गया है।
वर्तमान में उत्तर पश्चिम रेलवे पर 5 जोड़ी वंदे भारत ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। लंबी दूरी के यात्रियों के लिए वंदे भारत का स्लीपर संस्करण भी शुरू किया गया है। वर्तमान में 2 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें सेवा में हैं, जिनमें उच्च स्तर की सुरक्षा और आराम का ध्यान रखा गया है।
