ट्रेन में अवैध रूप से शराब लेकर यात्रा करने वालों पर कड़ी नजर

शराब सेवन और लदान पर कार्यवाही का प्रावधान

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),ट्रेन में अवैध रूप से शराब लेकर यात्रा करने वालों पर कड़ी नजर। रेलवे ने दोहराया है कि ट्रेन में यात्रा के दौरान अवैध रूप से शराब लेकर चलना तथा नशे की हालत में अनुशासनहीन व्यवहार करना दंडनीय अपराध है। रेलवे नियमों तथा संबंधित राज्यों के आबकारी कानूनों के अनुसार बिना वैध अनुमति के शराब का परिवहन करना,उसकी अवैध ढुलाई करना या तस्करी करना कानूनन प्रतिबंधित है। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

जोधपुर डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि यदि कोई यात्री ट्रेन में अवैध रूप से शराब लेकर यात्रा करते हुए पाया जाता है,तो उसे रेलवे सुरक्षा बल अथवा राजकीय रेलवे पुलिस के सुपुर्द किया जाता है। इसके बाद मामले की जांच कर संबंधित राज्य के आबकारी कानूनों के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है तथा अवैध शराब को जब्त किया जाता है। दोषी पाए जाने पर आरोपी पर जुर्माना और अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

उन्होंने बताया कि रेलवे अधिनियम,1989 की धारा 145 के तहत यदि कोई व्यक्ति शराब या अन्य नशीले पदार्थ के प्रभाव में ट्रेन या रेलवे परिसर में पाया जाता है और उसके व्यवहार से अन्य यात्रियों को असुविधा,परेशानी या खतरा उत्पन्न होता है,तो यह भी दंडनीय अपराध है। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्ति पर जुर्माना लगाया जा सकता है या उसे कारावास की सजा भी दी जा सकती है।

110 किमी की स्पीड से दौड़ेंगी ट्रेनें

मंडल रेल प्रबंधक ने बताया कि इस संबंध में रेलवे सुरक्षा बल,जीआरपी तथा टिकट चेकिंग स्टाफ को विशेष रूप से सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। ट्रेनों और रेलवे परिसरों में निगरानी बढ़ाने के साथ ही संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने के लिए सुरक्षा बलों व टिकट चेकिंग दस्तों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं,ताकि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

यात्रियों से नियमों की पालना की अपील
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा के दौरान रेलवे नियमों और कानूनों का पालन करें तथा किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि से दूर रहें। यदि ट्रेन या रेलवे परिसर में किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तुरंत रेलवे स्टाफ, आरपीएफ या हेल्पलाइन नंबर 139 पर दें,ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके और यात्रा सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनी रहे।

गिरफ्तारी के साथ आर्थिक दंड का प्रावधान
उन्होंने बताया कि रेलवे अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार ट्रेन में शराब पीना या नशे की हालत में अन्य यात्रियों को परेशान करना दंडनीय अपराध है। ऐसा करते हुए पकड़े जाने पर सुरक्षा एजेंसियों द्वारा संबंधित व्यक्ति को गिरफ्तार किया जा सकता है। दोषी पाए जाने पर 6 महीने तक की जेल की सजा तथा पांच सौ रुपये से लेकर एक हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। कई मामलों में अदालत द्वारा जेल और जुर्माना दोनों की सजा भी दी जा सकती है।