आरपीएफ ने 3.60 करोड़ का खोया सामान लौटाया

  • आरपीएफ ने विशेष अभियानों से सामाजिक सरोकार निभाए
  • यात्रियों का जीता विश्वास

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),आरपीएफ ने 3.60 करोड़ का खोया सामान लौटाया। रेलवे सुरक्षा बल ने उत्तर पश्चिम रेलवे पर यात्रियों की सुरक्षा,सामाजिक सरोकारों का बखूबी निर्वहन और रेलवे परिसंपत्तियों की रक्षा में सजगता के साथ कार्य करते हुए करोड़ों रेल यात्रियों का विश्वास जीता है। विभिन्न विशेष अभियानों के माध्यम से आरपीएफ ने अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के साथ जरूरतमंद यात्रियों,महिलाओं और बच्चों की सहायता कर मानवीय संवेदनशीलता का परिचय दिया है।

उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के अनुसार आरपीएफ द्वारा इस वित्तीय वर्ष 2025-26 में मार्च माह के प्रथम सप्ताह तक कई महत्वपूर्ण अभियानों में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की गई है। उन्होंने बताया कि उत्तर पश्चिम रेलवे पर ऑपरेशन नारकोस और ऑपरेशन सतर्क के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 242 मामलों का खुलासा किया गया। इस दौरान करीब 79.43 लाख रुपये के मादक पदार्थ तथा 55.67 लाख रुपये मूल्य की अवैध शराब बरामद की गई और 124 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

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ऑपरेशन उपलब्ध के तहत अवैध टिकट दलालों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 105 आरोपियों को पकड़ा गया,जिनके पास से 163 लाइव ई-रेल टिकट तथा 2156 यात्रा टिकट जब्त किए गए। इसके साथ ही 256 आईआरसीटीसी आईडी को भी ब्लॉक किया गया, जिससे अवैध टिकट दलाली पर प्रभावी अंकुश लगा है। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते के तहत रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में भटके 662 बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू कर उनके परिजनों को सौंपा गया,वहीं ऑपरेशन आहट के तहत 42 बच्चों को बचाते हुए 11 मानव तस्करों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की गई। वहीं ऑपरेशन यात्री सुरक्षा के तहत जेबतराशी व चोरी के 213 मामलों में कार्रवाई करते हुए 253 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

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3.60 करोड़ रुपए का खोया सामान लौटाया
इसके अलावा ऑपरेशन अमानत के अंतर्गत आरपीएफ कर्मियों ने ईमानदारी और सेवा भावना का परिचय देते हुए 1829 यात्रियों के लगभग 3 करोड़ 60 लाख रुपये मूल्य के खोए सामान को सुरक्षित रूप से उनके मालिकों को लौटाया।

29 रेलयात्रियों की बचाई जान
ऑपरेशन जीवन रक्षा के तहत चलती ट्रेन में चढ़ते या उतरते समय दुर्घटना की आशंका वाले 29 यात्रियों की जान बचाई गई,जबकि ऑपरेशन डिग्निटी के तहत रेलवे स्टेशनों पर रह रहे 288 पुरुष एवं 170 महिलाओं को पुनर्वास संस्थाओं को भेजा गया।

मेरी सहेली योजना बनी विश्वास की मजबूत डोर
मेरी सहेली योजना के अंतर्गत चिन्हित 16 ट्रेनों में तैनात 9 महिला आरपीएफ टीमों ने 1लाख 73 हजार 256 महिला यात्रियों को सहायता प्रदान कर सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित की।