एम्स में बाल नेफ्रोलॉजी कार्यशाला, हैंड्स ऑन प्रशिक्षण पर विशेष जोर
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),एम्स में बाल नेफ्रोलॉजी कार्यशाला,हैंड्स ऑन प्रशिक्षण पर विशेष जोर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) जोधपुर में बच्चों के किडनी रोगों के निदान एवं प्रबंधन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से दो दिवसीय बाल नेफ्रोलॉजी कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। कार्यशाला में विशेष रूप से गंभीर बीमार बाल रोगियों को डायलिसिस उपलब्ध कराने पर फोकस किया गया है।
इस कार्यशाला में लगभग 65 प्रतिनिधि और 20 संकाय सदस्य भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम में व्यापक शैक्षणिक सत्रों के साथ-साथ व्यावहारिक (हैंड्स-ऑन) प्रशिक्षण भी शामिल है। कार्यशाला का प्रमुख आकर्षण पेरिटोनियल डायलिसिस कैथेटर डालने का प्रायोगिक प्रशिक्षण था, हीमोडायलिसिस (एचडी) और कंटीन्यूअस रीनल रिप्लेसमेंट थेरेपी (सीआरआरटी) के लाइव प्रदर्शन भी किए गए। ये प्रक्रियाएं गंभीर किडनी फेल्योर और क्रिटिकल स्थिति वाले बच्चों के उपचार में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
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आयोजन सचिव डॉ.अलीज़ा मित्तल ने बताया कि बाल रोग विभाग द्वारा यह कार्यशाला चौथी बार आयोजित की जा रही है और इसका उद्देश्य बाल रोग विशेषज्ञों के दैनिक चिकित्सकीय अभ्यास में कौशल और प्रबंधन क्षमताओं में सुधार करना है। इस अवसर पर विभागाध्यक्ष प्रो.कुलदीप सिंह,डॉ. जगदीश गोयल तथा एम्स के कार्यकारी निदेशक प्रो.जीडी पुरी भी उपस्थित थे।
यह शिक्षण कार्यक्रम इंटरनेशनल पीडियाट्रिक नेफ्रोलॉजी एसोसिएशन (आईपीएनए) द्वारा अनुमोदित है,जो विश्व स्तर पर बच्चों में किडनी रोगों की देखभाल में सुधार के लिए कार्यरत एक अंतरराष्ट्रीय संस्था है। यह अनुमोदन कार्यशाला की शैक्षणिक गुणवत्ता और वैश्विक प्रासंगिकता को दर्शाता है। यद्यपि आईपीएनए विश्वभर में अनेक शिक्षण पाठ्यक्रमों को अनुमोदित करता है,लेकिन वर्ष 2026 का यह पहला आईपीएनए टीचिंग कोर्स है। प्रतिभागियों को उनके शोध कार्यों की प्रस्तुति के लिए मौखिक प्रस्तुति,पोस्टर और क्विज़ के माध्यम से पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे।
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इंटरएक्टिव व्याख्यानों,केस- आधारित चर्चाओं और कौशल- आधारित प्रशिक्षण के माध्यम से यह कार्यशाला क्षेत्रीय क्षमता को सशक्त बनाने और राजस्थान में बाल नेफ्रोलॉजी एवं क्रिटिकल केयर सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार लाने में सहायक सिद्ध होगी।
एम्स जोधपुर इस प्रकार की प्रभावशाली शैक्षणिक पहलों के माध्यम से चिकित्सा शिक्षा को आगे बढ़ाने और बाल स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाने में निरंतर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
