पंच गौरव से जिलों के उत्पादों को मिल रही नई पहचान-शर्मा

  • पश्चिमी राजस्थान उद्योग हस्तशिल्प उत्सव 2026
  • हर जिले को मिली विशिष्ट पहचान
  • पूर्व सैनिक परिषद का कार्यक्रम मंगलवार को

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),पंच गौरव से जिलों के उत्पादों को मिल रही नई पहचान-शर्मा। शहर के रामलीला मैदान (रावण चबूतरा )में आयोजित पश्चिमी राजस्थान उद्योग हस्तशिल्प उत्सव 2026 के अंतर्गत सोमवार को पंच गौरव विषय पर एक महत्वपूर्ण सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार में राजस्थान के सभी 41 जिलों के पंच गौरव की अवधारणा,उद्देश्य एवं उसके क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी साझा की गई। कार्यक्रम ने प्रदेश के औद्योगिक,कृषि,खेल,पर्यटन और वन उपज आधारित विकास को नई दिशा देने का संदेश दिया।

सेमिनार की अध्यक्षता करते हुए उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त आयुक्त पीएन शर्मा ने कहा कि पंच गौरव के माध्यम से एक जिला एक पहचान की सोच को मजबूती मिली है। उन्होंने बताया कि पंच गौरव के अंतर्गत प्रत्येक जिले के लिए एक औद्योगिक उत्पाद,एक कृषि फसल,एक वन उपज,एक खेल और एक पर्यटन स्थल का चयन किया गया है,जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार,निवेश और ब्रांडिंग को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने इस नीति के वित्तीय लाभों,अनुदान योजनाओं और उद्यमियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं पर भी प्रकाश डाला।

आयोजन विभाग के संयुक्त निदेशक रणवीर सिंह ने पंच गौरव की संकल्पना को विस्तार से समझाते हुए बताया कि यह योजना उत्तर प्रदेश की एक जिला एक उत्पाद नीति से प्रेरित होकर राजस्थान सरकार द्वारा विकसित की गई है। उन्होंने कहा कि पंच गौरव के माध्यम से जिलों के समग्र विकास की कार्ययोजना तैयार कर उसे चरणबद्ध रूप से धरातल पर उतारा जा रहा है,जिससे स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अर्जुन पुरस्कार विजेता एवं स्थानीय वॉलीबॉल खिलाड़ी आरके पुरोहित ‘लालजी’ ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि उनके खेल जीवन के दौरान खिलाड़ियों को सीमित संसाधन मिलते थे,जबकि वर्तमान में पंच गौरव जैसी योजनाएं खिलाड़ियों को बेहतर अवसर, प्रशिक्षण और पहचान प्रदान कर रही हैं। इससे राजस्थान अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर तेजी से उभर सकता है।

काजरी के निदेशक डॉ.एसपीएस तंवर ने बताया कि कृषि एवं वन उपज क्षेत्र में पंच गौरव की कार्ययोजना के क्रियान्वयन में काजरी सक्रिय भूमिका निभाएगा। नवाचार,अनुसंधान और किसानों की आय बढ़ाने के लिए संस्थान पूर्ण सहयोग देगा। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त आयुक्त एसएल पालीवाल ने जानकारी दी कि उत्सव के दौरान प्रत्येक जिले के पंच गौरव को प्रदर्शित करने हेतु विशेष स्टॉल लगाए गए हैं,जिनमें सभी 41 जिलों की विशिष्टताओं का आकर्षक प्रदर्शन किया गया है।

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कार्यक्रम के अंत में मेला सह संयोजक सुधींद्र दुग्गड ने अतिथियों का आभार जताया। सेमिनार में आईएएस अधिकारी मोहनलाल जाखड़,वरिष्ठ निर्यातक राधेश्याम रंगा,मुख्य आयोजना अधिकारी मीनाक्षी चौधरी सहित पंच गौरव से जुड़े विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।