जोधपुर, वर्ष 1971 में लड़ी गई नागी की लड़ाई के दौरान शहीद हुए भारतीय सैनिकों को सोमवार को श्रद्धांजलि दी गई। रक्षा प्रवक्ता ले. कर्नल अमिताभ शर्मा ने बताया कि स्वर्णिम विजय वर्ष समारोह के एक भाग के रूप में विजय ज्वाला को 1971 के युद्ध के दौरान लड़ी गई नागी की लड़ाई के स्मरण के लिए सोमवार को श्रीकरणपुर के सीमावर्ती नगर में ले जाया गया।
इस उत्सव में स्कूली बच्चों के लिए विजय मार्च, नागी और श्रीकरणपुर वॉर मेमोरियल पर श्रद्धांजलि, अस्त्रों एवं बैंड डिस्प्ले तथा पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। सीमावर्ती शहर श्रीकरनपुर में उत्सव और देशभक्ति का उल्लास देखा गया।
बता दे कि 25/26 दिसंबर 1971 को पाकिस्तान ने अपने स्वभाव के अनुरूप होने के कारण 16 दिसंबर 1971 को युद्ध विराम की घोषणा के बाद छल से नागी (श्रीगंगानगर/अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट श्रीकरनपुर में स्थित एक छोटे से गांव) में भारतीय क्षेत्र पर कब्जा कर लिया था। भारतीय सेना की 51 पैराशूट ब्रीगेड की 9 पैराशूट रेजिमेंट, 9 पैराफील्ड रेजिमेंट और 410 फील्ड कंपनी के बहादुरों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया और नागी से दुश्मनों को हटा दिया।