आज का दिन ऐतिहासिक राजस्थान रचेगा इतिहास- मुख्यमंत्री गहलोत

गांवों के साथ शहरों में भी होगा ओलंपिक

जोधपुर, प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है और राजस्थान इतिहास रचेगा। इसे राजस्थान की जनता कभी भूल नहीं पाएगी। वे आज जोधपुर प्रवास के समय पाल गांव में आयोजित ग्रामीण ओलंपिक महा मुकाबला कार्यक्रम के शुभारंभ के अवसर पर बोल रहे थे। वे आज सुबह हेलीकाफ्टर से सीधे पाल गांव में खेल पर उतरे। जहां जनप्रतिनिधियों ने उनकी अगवानी की और स्वागत किया।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि ओलिंपिक व कॉमनवेल्थ जैसे गेम्स ने बहुत लंबा सफर तय कर लिया, लेकिन देश को अभी तक इतनी कामयाबी नहीं मिली। इतनी बड़ी आबादी के बावजूद हमसे छोटे देश ज्यादा पदक जीत रहे हैं। इस बात का दर्द पूरे देश के खेल जगत से जुड़े लोगों को रहता है। सभी सोचते हैं कि काश हम मैडल लेकर आते। इसी सोच के साथ यह आयोजन किया जा रहा है। इसमें कोई राजनीति नहीं है। किसी भी दल से हमारी कोई दुश्मनी नहीं है, लड़ाई केवल विचारधारा की होती है।

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प्रदेश में सोमवार से ग्रामीण ओलिंपिक महामुकाबलों का आगाज हो गया। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत समेत खेल मंत्री अशोक चांदना, प्रभारी मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग और राज्य परिषद की अध्यक्ष कृष्णा पूनिया जोधपुर के पाल गांव में पहुंचे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ओलिंपिक का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा गांवों के साथ शहरों में भी ओलिंपिक आयोजित किए जाएंगे।

शारीरिक विकास के लिए 15 करोड़ खर्च 

गहलोत ने कहा फिजिकल कॉलेज के विकास के लिए पंद्रह करोड़ दिए हैं। जोधपुर में खेल के विकास पर तीस से चालीस करोड़ रुपए खर्च होने जा रहे हैं। धीरे-धीरे माहौल बन रहा है। खिलाडिय़ों को प्रोत्साहन देने में सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। ग्रामीण ओलिंपिक की तर्ज पर अब शहरों के भी ओलिंपिक आयोजित किए जाएंगे। ग्रामीण ओलिंपिक हर साल आयोजित कराए जाएंगे। ताकि सभी युवा पूरे साल तैयारी करें। युवाओं को भी आगे आना होगा। सरकार सारे काम नहीं कर सकती। युवाओं में भावनाएं विकसित होगी तो ही आगे बढ़ पाएंगे।

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ध्वजारोहण किया, 5 अक्टूबर तक रहेगा महामुकाबला

ग्रामीण ओलिंपिक में 11 हजार से ज्यादा ग्राम पंचायतों के 44 हजार से ज्यादा गांव में 5 अक्टूबर तक खेलकूद होंगे। मुख्यमंत्री के सुबह 9.39 बजे हेलिकॉप्टर से पाल गांव पहुंचे। दोपहर 12 बजे तक गहलोत खेल मैदान पर मौजूद रहे। इस अवसर पर प्रभारी मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग भी मौजूद थे।

खिलाडिय़ों की परेड सलामी ली

मुख्यमंत्री ने खिलाडिय़ों की परेड की सलामी ली। उन्होंने कहा मेजर ध्यान चंद के जन्मदिन पर आज खेल दिवस है। वो वास्तव में खेलों के जादूगर थे। आज खेल जगत का इतिहास बनने जा रहा है। पूरे देश व दुनिया में ऐसा कभी नहीं हुआ होगा, जब गांवों में 2 लाख 21 हजार टीमें बनी हैं। 10 लाख महिला खिलाड़ी भी शामिल हैं।

इन्होंने ने भी किया संबोधित

इससे पहले क्षेत्रीय विधायक महेन्द्र विश्नोई ने पाल गांव के मैदान को विकसित करने की मांग करते हुए कहा कि मैदान विकसित होगा तो ग्रामीण क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं का आगे बढऩे का मौका मिलेगा।
खेल मंत्री अशोक चांदना ने कहा कि इस मिट्टी से निकले मेजर ध्यानचंद के नाम से ही खेल दिवस मनाया जाता है। असली प्रतिभाएं गांव से ही निकल कर सामने आती हैं। राज्य खेल परिषद की अध्यक्ष कृष्णा पूनिया ने कहा कि प्रदेश में खेल को लेकर माहौल बन रहा है। राज्य सरकार की खिलाडिय़ों को प्रोत्साहित करने की नीति के नतीजे सामने आने लगे हैं। भविष्य में कई खिलाड़ी सामने आएंगे।

हर उम्र वर्ग के लोग ले सकतें है हिस्सा

5 अक्टूबर तक हो रहे इस ओलिंपिक में हर उम्र के लोग इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे। गांव के बच्चे-बच्चियां और युवक-युवतियां ही नहीं, दादा- पोते,चाचा-भतीजे,ताऊ-भतीजे, काकी-बुआ,देवरानी-जेठानी सभी खेल के मैदान पर जोर आजमाइश करते नजर आएंगे।

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