टूटते परिवार को पुलिस ने समझाइस कर बचा लिया

  • सरोकार
  • पुलिस ने निभाया सामाजिक दायित्व
  • विवाद के बाद अलग हुई बहनों का फिर से बसाया घर

जोधपुर, आपने और हमनें हर बार सुना है कि परिवार के झगड़े या तो सामाजिक स्तर पर सुलझते हैं या फिर कोर्ट कचहरी के कई चक्कर के बाद। सालों लग जाते हैं तब तक परिवार पूरा बिखर जाता है। मगर बात जब पुलिस थाने की हो तो अलग है। जोधपुर की प्रताप नगर पुलिस ने आज एक ऐसी मिसाल कायम की, दो बेटियों को जहां पिता का प्यार अब नसीब होगा वहीं पिताओं को भी अपनी बेटियों का सहारा मिलेगा। वैसे भी बेटियां आज बेटों से कम नहीं हैं।
दरअसल अपराधों की रोकथाम तो पुलिस का पहला कार्य रहा ही है। मगर कभी कभार पुलिस को ऐसी भी कार्य सुलझाने पड़ते हैं जो मिसाल भी बन जाते हैं जो किसी सरोकार से कम नहीं होते।

टूटते परिवार को पुलिस ने समझाइस कर बचा लिया

प्रतापनगर पुलिस ने शनिवार को ऐसा एक सरोकार का काम किया। मानों परिवार में झगड़ा और विवाद के बाद बहनों का घर एक बारगी लगा टूट गया है। शनिवार का दिन उनके लिए फिर से खुशियां लेकर आया। हुआ यूं कि जोधपुर के प्रताप नगर थाना क्षेत्र के पास संबोधि धाम के पास रहने वाले बाबूलाल और तुलसाराम की शादी 2011 में दो बहनों अजमेर के ब्यावार की रहने वाली ज्योति और अनूप साथ हुई थी। शादी के बाद कुछ समय तो सबकुछ ठीकठाक चला। 2 साल तक दोनों दंपती जोड़े साथ रहे और दोनों को एक-एक बच्चियां भी हुई। उसके बाद 2013 में घरेलू छोटे मोटे विवाद के चलते दोनों की पत्नी अपने पीहर चली गई। जहां उन्होंने ब्यावर में परिवार न्यायालय में इनके खिलाफ परिवाद पेश किया।

टूटते परिवार को पुलिस ने समझाइस कर बचा लिया

इस पर 8 साल तक विवाद चलता रहा। शुक्रवार को दोनों की पत्नियां बिना बताए घर लौटी। इस पर दोनों के पति भी प्रताप नगर थाने पहुंचे और परिवाद पेश किया। इस पर थाना अधिकारी सोमकरण ने दोनों बहनों से अपनी रजामंदी देने और दोनों भाइयों से ना सिर्फ मिलवाया बल्कि इनको जीवन के दुख पड़ाव बताए। उन्हें कुछ ऐसे उदाहरण दिए कि उनकी आंखें खुल गई। परिवार का झगड़ा अमूमन होता आया है, खुद की समझ से सुलझाया भी जा सकता है। थानाधिकारी सोमकरण की समझाइश पर बाद में इन जोड़ों ने एक दूसरे को न सिर्फ माला पहनाई बल्कि मिठाई खिलाकर फिर से नया जीवन शुरू करने की शुभकामना भी दी। उन्होंने अपने बच्चों की अच्छी पढ़ाई के लिए भी सीख देकर विदा किया। पुलिस के इस सरोकार से दंपतियों की आंखें भी एक बारगी भावुक हो गई।

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