आईआईटी जोधपुर को अगले पांच वर्ष में टॉप 5 में लाने का लक्ष्य-प्रोफेसर अग्रवाल
- नवनियुक्त निदेशक की योजनाओं में उत्कृष्टता का संकल्प
- प्रो.अविनाश अग्रवाल के नेतृत्व में संस्थान उच्चतम उपलब्धि के लिए नवाचारिक कदम उठाने का निर्णय
- प्राथमिक शिक्षा प्रणाली को सुधारने के लिए बीएससी बीएड कार्यक्रम की शुरुआत
- वैज्ञानिक सोच के साथ शिक्षण को प्रोत्साहित किया जाएगा।
- भविष्य में बीए बीएड कार्यक्रम की भी योजना
- रक्षा प्रौद्योगिकी और एयरो स्पेस क्षेत्रों में पहल की योजनाएं
- इनोवेशन हब और अनुसंधान पार्क की योजना संगठित की गई
- उद्योग सहयोग और अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा
- छात्रों को नौकरी खोजने की बजाय नवाचारकों के रूप में प्रेरित किया जाए
- संस्थानों का मकसद सिर्फ रिसर्च कर पेपर पब्लिशिंग तक सीमित न हो -रिसर्च प्रोडक्ट के रूप में समाज के लिए उपयोगी तकनीकी समाधान बने
- इंजीनियरिंग कॉलेजों के टीचर्स के लिए प्रोग्राम शुरू किया जाएगा,ताकि छात्रों का स्तर सुधारा जा सके
- नवाचार,उत्कृष्टता और समृद्धि की दिशा में कटिबद्ध करने का संकल्प
- छात्रों को सिर्फ शिक्षित करने के लिए नहीं, बल्कि उन्हें समाज के विकास के लिए उत्साहित किया जाएगा
जोधपुर,भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) जोधपुर के नवनियुक्त निदेशक प्रो.अविनाश अग्रवाल ने कहा कि अगले पांच वर्ष में संस्थान को देश के टॉप 5 की श्रेणी में लाने के विजन है। आईआईटी में रिसर्च पार्क डेवलप करने के लिए योजनाबद्ध कार्य शुरू कर दिया है। प्रोफेसर अविनाश अग्रवाल सोमवार को आईआईटी परिसर में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। जोधपुर आईआईटी में निदेशक का पदभार ग्रहण करने के बाद यह उनकी पहली पत्रकार वार्ता थी। उन्होंने पांच वर्ष के कार्यकाल में अपने विजन और मिशन पर चर्चा की।
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उन्होंने कहा कि हमारे देश के प्राइमरी एज्यूकेशन सिस्टम में बदलाव की जरूरत है। वैज्ञानिक सोच के साथ शिक्षण करने के लिए आईआईटी जोधपुर में इसी वर्ष बीएससी-बीएड पाठ्यक्रम शुरू किया जा रहा है और आने वाले समय में बीए-बीएड भी शुरू किया जाएगा। इस पाठ्यक्रम से आईआईटी जोधपुर मॉडल बनेगा। उन्होंने कहा कि यह अभी एक-दो जगह शुरू हुआ,लेकिन कहीं पर इसको लेकर स्थितियां साफ नहीं हैं लेकिन हमें विश्वास है कि हम जो मॉडल बनाएंगे वो सभी आईआईटी में लागू होगा।आईआईटी निदेशक अग्रवाल ने कहा कि जोधपुर रक्षा क्षेत्र में काफी महत्वूपर्ण है,ऐसे में हम डिफेंस तकनीक में भी काम करने के प्रयास कर रहे हैं। इसके अलावा जोधपुर आईआईटी एरो स्पेस क्षेत्र में काम करेगा।
इनोवेशन हब और रिसर्च पार्क बनेगा
निदेशक प्रो अग्रवाल ने कहा कि राजस्थान प्रदेश के विकास में हम कितना योगदान दे सकते हैं, इसको लेकर वे सरकार से मिलेंगे। कैसे सहयोग किया जा सकता है,इस पर काम करेंगे। इंडस्ट्रीज को बूस्ट करने के लिए इनोवेशन हब बनाएंगे। एक रिसर्च पार्क बनाया जाएगा जिसमें उद्योगपति अपनी तकनीकी समस्या को लेकर यहां आकर हमारे कैंपस में अपनी रिसर्च लेब बना सकेंगे। जिसमें हमारे प्रोफेसर भी साथ देंगे। उन्होंने कहा कि हम जोधपुर को लेकर भी काम करेंगे। आईआईटी जोधपुर में चल रहे प्रोजेक्ट को गति देकर पूरा करेंगे।
जॉब क्रिएटर बनें
एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास होगा कि हमारे स्टूडेंट नौकरी करने के बजाय नौकरी देने पर काम करें। जिससे वे देश के विकास में भागीदार बन सकेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि संस्थानों का उद्देश्य सिर्फ रिसर्च कर पेपर पब्लिशिंग तक सीमित न होकर पेपर के बाद उस रिसर्च का प्रोडक्ट परिणाम के रूप में सामने आना जरूरी है। हम उसी दिशा में काम करेंगे।
कोटा की समस्या
कोटा के कोचिंग इंस्टिट्यूट में तैयारी करने वाले बच्चों के आत्महत्या के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि हमारे देश में इंजीनियरिंग की 40 लाख सीटें हैं, लेकिन हर साल 15 से 20 लाख खाली रहती हैं क्योंकि एज्यूकेशन का स्तर सही नहीं है। प्रत्येक पेरेंट अपने बच्चे को अच्छे संस्थान में भेजना चाहता है, लेकिन आईआईटीज में सीट लिमिटेड हैं। इसका प्रेशर भी रहता है। ऐसे में मेरा मानना है कि इंजीनियरिंग कॉलेज के टीचर्स और डायरेक्टर्स को याद दिलाया जाना चाहिए कि उनका काम क्या है? वो अपना फर्ज ठीक से नहीं निभा रहे हैं। मेरा प्रयास रहेगा कि इस राज्य के इंजीनियरिंग कॉलेज के टीचर्स के लिए प्रोग्राम शुरू करेंगे। जब इनका स्तर सुधरेगा तो कोटा का प्रेशर भी कम होगा।
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