IIT जोधपुर में 77वां गणतंत्र दिवस चिंतन संकल्प और उत्तरदायित्व के साथ मनाया

  • भविष्य से संवाद
  • मुख्य अतिथि डॉ.लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ एवं निदेशक प्रो.अविनाश कुमार अग्रवाल ने ज्ञान,नैतिकता और सेवा के माध्यम से विवेक आधारित राष्ट्र निर्माण का किया आह्वान

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),IIT जोधपुर में 77वां गणतंत्र दिवस चिंतन संकल्प और उत्तरदायित्व के साथ मनाया। भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान जोधपुर (IIT जोधपुर) में देशभक्ति की भावना, वैचारिक चिंतन और राष्ट्र निर्माण के प्रति नवसंकल्प के साथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। परिसर में तिरंगा फहराए जाने के साथ यह संदेश स्पष्ट हुआ कि भारतीय गणराज्य की शक्ति केवल संविधान में ही नहीं,बल्कि उसके नागरिकों के सामूहिक विवेक,कर्तव्य और मूल्यों में निहित है।

IIT जोधपुर के निदेशक प्रो. अविनाश कुमार अग्रवाल ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और संस्थान समुदाय से आह्वान किया कि वे अपने दैनिक शैक्षणिक और व्यावसायिक जीवन में संवैधानिक मूल्यों को आत्मसात करें। इस अवसर पर प्रो.अग्रवाल ने कहा, गणराज्य केवल कानूनों से नहीं, बल्कि विवेक से चलता है। IIT जोधपुर में हम मानते हैं कि सच्ची देशभक्ति हर दिन जी जाती है,जब ज्ञान नैतिकता से निर्देशित हो, नवाचार राष्ट्र की सेवा करे और उत्कृष्टता के साथ ईमानदारी जुड़ी हो। एक IITian के रूप में हमारा दायित्व स्पष्ट है चरित्र,साहस और विवेक के साथ भारत का निर्माण करना।

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77वें गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि उदयपुर के डॉ.लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ थे। उनकी गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक गहराई और प्रेरणा प्रदान की। अपने संबोधन में डॉ. मेवाड़ ने भारत की गणतांत्रिक आत्मा को परिभाषित करने वाले मूल्यों बलिदान,साहस,मातृभाषा और राष्ट्र के प्रति कर्तव्य,पर प्रकाश डाला तथा मेवाड़ की गौरवशाली परंपरा और राजस्थान की देशभक्ति की विरासत का उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस केवल एक तिथि नहीं,बल्कि हमारे शहीदों के सर्वोच्च बलिदान, सैनिकों के अदम्य साहस और नागरिकों के कर्तव्यबोध की जीवंत स्मृति है। मातृभाषा में सोचने और बोलने वाला राष्ट्र ही आत्मनिर्भर और सशक्त बनता है। डॉ.मेवाड़ ने युवाओं से आह्वान किया कि वे संस्कृति से जुड़े रहते हुए शिक्षा, नवाचार और सेवा के माध्यम से राष्ट्र के भविष्य को आकार दें, क्योंकि गणराज्य की सच्ची आत्मा हमारे आचरण और मूल्यों में बसती है।

गणतंत्र दिवस के अवसर पर डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने निदेशक प्रो.अविनाश कुमार अग्रवाल और संस्थान के नेतृत्व के साथ बोर्डरूम संवाद में भी भाग लिया। इस चर्चा में विवेकपूर्ण नेतृत्व, संस्थागत दृष्टि और विकसित एवं मूल्य आधारित भारत के निर्माण में शिक्षा की भूमिका पर विचार-विमर्श किया गया। इस संवाद ने विरासत और प्रौद्योगिकी के संगम को रेखांकित किया और यह स्पष्ट किया कि IIT जोधपुर एक ऐसा संस्थान है जहाँ परंपरा नवाचार को दिशा देती है और राष्ट्रीय उत्तरदायित्व शैक्षणिक उत्कृष्टता का मार्गदर्शन करता है।

मुख्य अतिथि ने मार्गदर्शित परिसर भ्रमण के दौरान IIT जोधपुर की नवाचार,सतत विकास और उत्तरदायी प्रौद्योगिकी विकास से जुड़ी पहलों को भी देखा,जो राष्ट्रीय प्राथमिकताओं और सामाजिक आवश्यकताओं के अनुरूप हैं। यह भ्रमण ऐसे संस्थानों के निर्माण के साझा संकल्प को दर्शाता है,जो न केवल ज्ञान का सृजन करते हैं, बल्कि ईमानदारी और उद्देश्य के साथ राष्ट्र की सेवा भी करते हैं। IIT जोधपुर में 77वें गणतंत्र दिवस समारोह का समापन इस सामूहिक विश्वास के साथ हुआ कि राष्ट्र निर्माण एक सतत प्रक्रिया है,जिसे हम प्रतिदिन अपने कर्म,नैतिकता और सेवा के माध्यम से जीते हैं।

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