आत्महत्या का संबंध व्यक्ति की मनोदशा से है: डॉ.गहलोत
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),आत्महत्या का संबंध व्यक्ति की मनोदशा से है: डॉ. गहलोत। मानसिक रोग विभाग,डॉ.एसएन मेडिकल कॉलेज द्वारा बुधवार को मेडिकल कॉलेज के लेक्चर हॉल में “आत्महत्या रोकथाम” विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रथम वर्ष के मेडिकल छात्रों को आत्महत्या के लक्षणों की पहचान एवं रोकथाम के बारे में जानकारी दी गई।
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मुख्य वक्ता वरिष्ठ आचार्य एवं विभागाध्यक्ष डॉ. संजय गहलोत ने कहा कि आत्महत्या का संबंध व्यक्ति की मनोदशा से होता है,जिसमें व्यक्ति गंभीर तनाव या अवसाद में स्वयं की मृत्यु का प्रयास करता है। महानगरों में यह प्रवृत्ति अधिक देखी जा रही है, जो आज विश्वव्यापी समस्या बन गई है।
उन्होंने बताया कि आत्महत्या के विचारों वाले व्यक्ति प्रायः डिप्रेशन से ग्रसित होते हैं,जिनके लिए तीन तरह की सहायता उपलब्ध है- साइकोथेरेपी/सीबीटी, एंटी डिप्रेसेंट दवाइयां और जीवनशैली में बदलाव। पर्याप्त नींद,व्यायाम और नशे से दूरी इसमें सहायक है।
डॉ.गहलोत ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार हर साल लगभग 7 लाख लोग आत्महत्या से मरते हैं,यानी हर 40 सेकंड में एक आत्महत्या होती है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के अनुसार 2022 में भारत में लगभग 1.64 लाख आत्महत्याएं हुईं,जिनकी दर लगभग 12.5 प्रति एक लाख है।
