डिस्ट्रैक्टर डिवाइस तकनीक से चेहरे की जटिल विकृति का सफल उपचार
- मेडिकल कॉलेज में पहली बार हुआ इस तकनीक से इलाज
- जोधपुर के डॉ.एसएन मेडिकल कॉलेज ने रचा इतिहास
- 18 वर्षीय युवती के चेहरे की गंभीर विकृति (Mandibular Agenesis) का सफल ऑपरेशन
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),डिस्ट्रैक्टर डिवाइस तकनीक से चेहरे की जटिल विकृति का सफल उपचार। डॉ.एसएन मेडिकल कॉलेज एवं एमडीएम अस्पताल के दंत चिकित्सा विभाग ने एक अत्यंत जटिल और दुर्लभ ऑपरेशन कर चिकित्सा जगत में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। किसी भी राज्य सरकार के मेडिकल या डेंटल कॉलेज में पहली बार ‘डिस्ट्रैक्टर डिवाइस’ (Uniplanar Distractor) का उपयोग कर जोधपुर निवासी एक 18 वर्षीय युवती के चेहरे की गंभीर विषमता (Mandibular Agenesis & Occlusal Cant) का सफल सुधार किया गया है।
जटिल चरणों में हुआ आधुनिक उपचार
जन्म से जबड़े का अभाव और चेहरे के तिरछेपन से ग्रसित इस युवती का उपचार विशेषज्ञों द्वारा कई चरणों में पूर्ण किया गया।
प्रथम चरण
चेहरे के एक हिस्से में 3D डिस्ट्रैक्शन के माध्यम से 8mm जबड़े का विस्तार किया गया एवं ‘लेफोर्ट ऑस्टियोटॉमी’ प्रक्रिया की गई।
द्वितीय चरण
तीन माह बाद जबड़े के अभाव वाले हिस्से (Agenesis side) में 16mm नई हड्डी का निर्माण (Bone Regeneration) और नए जोड़ का निर्माण (Condylar Neogenesis) किया गया।
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तृतीय चरण(फरवरी प्रथम सप्ताह)
चेहरे की बनावट को अंतिम रूप देने के लिए ‘लैटरल एडवांसमेंट जीनियोप्लास्टी’ की गई।
‘मां’ (MAA) योजना के तहत मिली नई मुस्कान
इस ऑपरेशन में निजी अस्पतालों में लाखों रुपये का खर्च आता है,मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल एवं कंट्रोलर प्रो.डॉ.बीएस जोधा और अधीक्षक प्रो.डॉ.विकास राजपुरोहित के प्रशासनिक मार्गदर्शन में ‘मां’ (MAA) योजना के अंतर्गत इसे पूरी तरह नि:शुल्क संपन्न किया गया।
विशेषज्ञ टीम
विभागाध्यक्ष प्रो.डॉ. विकास देव के नेतृत्व में इस चुनौतीपूर्ण कार्य को इन विशेषज्ञों ने अंजाम दिया।
सर्जिकल टीम
प्रो.डॉ.चंद्रशेखर चट्टोपाध्याय, सहायक आचार्य डॉ.चारू चौहान, सहायक आचार्य डॉ.प्रीति ऐरन, सहायक आचार्य डॉ.ममता पटेल, डॉ.सुगंधा जैन (SR) एवं डॉ.आयुष गर्ग (SR)।
एनेस्थीसिया टीम
विभागाध्यक्ष प्रो.डॉ.राकेश कर्णावत एवं प्रो.डॉ.प्रमिला सोनी (PAC एवं कठिन इंट्यूबेशन)।
सहयोगी स्टाफ
नर्सिंग ऑफिसर योगेंद्र पुरी,वर्षा, गीता,ललित,मोहम्मद फारूक, तारा,मोहित,कमरुद्दीन एवं वार्ड केयर टीम (निर्मला चौहान,अशोक, मनीषा,सरोज,तुलछाराम,सुशीला, मोतीलाल)।
अब यह युवती पूर्ण आत्मविश्वास के साथ अपनी पढ़ाई जारी रख पा रही है। अधीक्षक प्रो.डॉ.विकास राजपुरोहित ने इस सफलता को संस्थान के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया है।
