धूम्रपान पर सख्ती एक हजार मामलों में दो लाख जुर्माना वसूला
ट्रेनों व प्लेटफॉर्म पर सुरक्षा की दृष्टि से बढ़ाई निगरानी
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),धूम्रपान पर सख्ती एक हजार मामलों में दो लाख जुर्माना वसूला। स्टेशनपरिसरों एवं ट्रेनों को धूम्रपान मुक्त बनाने के उद्देश्य से उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत वर्ष 2025-26 में धूम्रपान करने वालों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान कुल एक हजार मामलों में कार्रवाई करते हुए करीब दो लाख रुपए का जुर्माना वसूला गया।
जोधपुर मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक हितेश यादव ने बताया कि मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी के निर्देशानुसार रेलवे सुरक्षा बल,वाणिज्य विभाग एवं टिकट जांच स्टाफ की संयुक्त टीमें स्टेशन परिसर,प्लेटफॉर्म, प्रतीक्षालय तथा ट्रेनों में नियमित रूप से जांच अभियान चला रही हैं।
उन्होंने कहा कि ट्रेनों और रेलवे परिसरों में धूम्रपान से सहयात्रियों को असुविधा होने के साथ-साथ आगजनी जैसी घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है। जलती बीड़ी या सिगरेट फेंकने से दुर्घटनाएं हो सकती हैं,इसलिए सुरक्षा की दृष्टि से सख्त निगरानी रखी जा रही है।
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यात्रियों को जागरूक करने के लिए स्टेशनों पर नियमित उद्घोषणाएं कराई जा रही हैं तथा समय-समय पर सोशियल मीडिया पर पोस्टर व स्टेशनों पर नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से भी प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। मंडल प्रशासन ने यात्रियों से रेलवे परिसर को स्वच्छ,सुरक्षित एवं धूम्रपान मुक्त बनाए रखने में सहयोग की अपील की है। रेलवे ने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
रेलवे अधिनियम के तहत धूम्रपान पूरी तरह प्रतिबंधित
रेलवे अधिनियम की धारा 167 के तहत ट्रेन के डिब्बों में धूम्रपान करना पूर्णतः प्रतिबंधित है। इसमें सिगरेट,बीड़ी,चिलम सहित किसी भी प्रकार के धूम्रपान पदार्थ शामिल हैं। ट्रेन के भीतर माचिस जलाना या किसी भी ज्वलनशील पदार्थ का उपयोग करना भी दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है।
इसके अलावा रेलवे स्टेशन परिसर एवं कार्यालयों में भी धूम्रपान करना नियम विरुद्ध है। भारतीय रेलवे में धूम्रपान के लिए कोई निर्धारित स्थान नहीं है। धूम्रपान से निकलने वाला धुआं बच्चों,बुजुर्गों और अस्थमा के मरीजों के लिए विशेष रूप से हानिकारक माना जाता है। साथ ही इससे ट्रेन एवं स्टेशन परिसरों में आग लगने की आशंका भी बनी रहती है।
