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राज्य उपभोक्ता आयोग का दो बीमा कंपनियों के विरुद्ध आदेश पारित

  • स्वाभाविक मृत्यु पर बीमा कंपनी को देनी होगी दावा राशि
  • राज्य उपभोक्ता आयोग की जोधपुर पीठ ने बजाज लाइफ इंश्योरेंस की अपील खारिज की

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),राज्य उपभोक्ता आयोग का दो बीमा कंपनियों के विरुद्ध आदेश पारित। राज्य उपभोक्ता आयोग की जोधपुर पीठ ने महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए कहा कि यदि बीमित व्यक्ति की मृत्यु का संबंध किसी पूर्व बीमारी से नहीं होकर स्वाभाविक मृत्यु हुई है,तो बीमा कंपनी केवल पूर्व में हुई बीमारी का हवाला देकर बीमा दावा अस्वीकार नहीं कर सकती। आयोग ने बजाज लाइफ इंश्योरेंस कंपनी की अपील खारिज करते हुए जिला उपभोक्ता आयोग के निर्णय को सही माना।

मामले में बजाज लाइफ इंश्योरेंस कंपनी ने सिरोही जिला उपभोक्ता आयोग के निर्णय के विरुद्ध राज्य आयोग में अपील प्रस्तुत की थी। बीमा कंपनी का कहना था कि बीमित तलकराम जून 2012 से दिसंबर 2012 तक क्षय रोग से पीडि़त रहा था। वर्ष 2015 में बीमा पॉलिसी लेते समय उसने इस बीमारी की जानकारी छिपाई थी। वर्ष 2015 में उसकी मृत्यु के बाद इसी आधार पर बीमा दावा अस्वीकार किया गया।

बीमित के पुत्र की ओर से आयोग को बताया गया कि उनके पिता ने दिसंबर 2012 तक करीब छह माह तक क्षय रोग का उपचार जरूर लिया था, लेकिन उपचार के बाद वे पूरी तरह स्वस्थ हो गए थे और उनका वजन भी बढ़ गया था। जनवरी 2015 में बीमा पॉलिसी ली गई थी तथा पिता की मृत्यु स्वाभाविक रूप से हुई थी। इसलिए परिवार करीब 11 लाख रुपए की दावा राशि पाने का अधिकारी है।

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दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आयोग के अध्यक्ष देवेंद्र कच्छावाहा एवं सदस्य लियाकत अली ने अपने निर्णय में कहा कि बीमित की मृत्यु का संबंध पूर्व बीमारी से होने का कोई प्रमाण सामने नहीं आया है। बीमा कंपनी की ओर से वर्ष 2012 के बाद बीमित द्वारा बीमारी का कोई उपचार करवाए जाने संबंधी दस्तावेज भी प्रस्तुत नहीं किया गया।

जांच अधिकारी की ओर से किसी चिकित्सक अथवा एएनएम के बयान या शपथपत्र भी पेश नहीं किए गए। आयोग ने इन तथ्यों के आधार पर बीमा कंपनी की अपील अस्वीकार करते हुए जिला उपभोक्ता आयोग के निर्णय को बरकरार रखा और बीमा दावा देने के आदेश को सही माना। बीमा कंपनी की ओर से अधिवक्ता शिवांग सोनी तथा विपक्षी की ओर से अधिवक्ता हिमांशु ने पैरवी की।