आयुर्वेद शिक्षकों के लिए होंगे ऑनलाइन फैकल्टी डेवलपमेंट सर्टिफिकेट कोर्स

शिक्षक प्रबोधन के सहयोग से शिक्षण,अनुसंधान एवं अकादमिक नेतृत्व में दक्ष बनाने की पहल

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),आयुर्वेद शिक्षकों के लिए होंगे ऑनलाइन फैकल्टी डेवलपमेंट सर्टिफिकेट कोर्स। डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेदविश्वविद्यालय में विश्व आयुर्वेद परिषद द्वारा शिक्षक प्रबोधन के आयोजन में तथा ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद नई दिल्ली के सहयोग से वर्ष 2026 में आयुर्वेद संकाय के शिक्षकों के लिए चार ऑनलाइन फैकल्टी डेवलपमेंट सर्टिफिकेट कोर्स आयोजित किए जा रहे हैं।

इन कार्यक्रमों का उद्देश्य आयुर्वेद शिक्षकों की शिक्षण क्षमता,अनुसंधान कौशल, अकादमिक नेतृत्व एवं व्यावसायिक दक्षता को विकसित करना है। इन पाठ्यक्रमों में फैकल्टी कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम,फैकल्टी प्रोफाइल एनहांसमेंट प्रोग्राम, फैकल्टी रिसर्च एप्टीट्यूड डेवलपमेंट तथा फैकल्टी टीचिंग मेथोडोलॉजी प्रोग्राम शामिल हैं।

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इन पाठ्यक्रमों के अंतर्गत नवीन शिक्षण पद्धतियों,दक्षता- आधारित चिकित्सा शिक्षा, पाठ्यक्रम निर्माण,अकादमिक प्रशासन,शोध पद्धति, बायोस्टैटिस्टिक्स,वैज्ञानिक लेखन,शोध नैतिकता, नवाचार,डिजिटल शिक्षण तकनीकों तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के शैक्षणिक उपयोग जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रत्येक सर्टिफिकेट कोर्स की अवधि लगभग 16-20 घंटे निर्धारित है। कार्यक्रम ऑन लाइन सत्रों,केस डिस्कशन, प्रायोगिक गतिविधियों, असाइनमेंट एवं मूल्यांकन पर आधारित होंगे।

प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए न्यूनतम 80 प्रतिशत उपस्थिति, निर्धारित असाइनमेंट पूर्ण करना तथा मूल्यांकन में कम से कम 70 प्रतिशत अंक प्राप्त करना आवश्यक होगा। पोस्टर विमोचन में विश्व आयुर्वेद परिषद के राष्ट्रीय सचिव प्रोफेसर अनिल शुक्ला,द्रव्यगुण विज्ञान के राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त विद्वान प्रो.मोहन लाल जायसवाल,प्राचार्य पीजीआईए प्रो चंदन सिंह,विश्व आयुर्वेद परिषद के प्रदेशाध्यक्ष एवं मानव विकास संसाधन केंद्र के निदेशक डॉ राकेश शर्मा,डिप्टी रजिस्ट्रार डॉ मनोज अदलखा, उपस्थित थे।