निजी अस्पताल में वृद्ध की मौत पर देर रात तक गहमागहमी रही
- मुआवजा देने की मांग पर सैकड़ों ग्रामीण पहुंचे जोधपुर
- डॉक्टर्स ने निकाला कैंडल मार्च -बुधवार को डॉक्टर्स का कलेक्ट्रेट पर होगा प्रदर्शन
जोधपुर,शहर के चौपासनी हाउसिंग बोर्ड स्थित नहर रोड पर एक निजी अस्पताल में वृद्ध की मौत का मामला अब तूल पकड़ गया है। सैकड़ों ग्रामीण बालेसर से जोधपुर पहुंचे हैं और अस्पताल में ही धरना प्रदर्शन चल रहा है। इधर देररात डॉक्टर्स ने भी कैंडल शांति मार्च निकाला। बुधवार को डॉक्टर्स कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करेंगे।
अस्पताल के बाहर सोमवार की सुबह से चल रहा धरना-प्रदर्शन जारी है। शाम को डॉक्टर्स ने पुलिस सुरक्षा में कैंडल मार्च निकाला। इधर परिजन धरने से हटने को तैयार नहीं हैं। परिजनों का कहना है कि जब तक मृतक के परिजनों से ऐंठे हुए रुपए व मुआवजा नहीं मिल जाता वे नहीं हटेंगे। इधर प्रशासन परिजनों व डॉक्टर्स से वार्ता कर मामला सुलझाने में लगा है लेकिन रात तक सफलता नहीं मिली है। अस्पताल के बाहर राजपूत समाज के प्रबुद्धजन भी एकत्र हो रहे हैं। अन्य समाज के लोग भी मृतक भैरोसिंह की मौत का मुआवजा उनके परिवार को दिलवाने के लिए धरने पर बैठ गए हैं।
उल्लेखनीय है कि भाटेलाई पुरोहितान के रहने वाले भैरूसिंह इंदा (65) को हार्ट में तकलीफ के चलते 24 अगस्त को निजी हॉस्पिटल लाया गया था। उनकी 11 सितंबर रात 8.30 बजे इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया और गंभीर आरोप लगाए। परिजनों का कहना है कि उन्हें बाइक पर 24 अगस्त को यहां लाए थे। चिकित्सकों ने जांच करने के बाद ऑपरेशन की सलाह दी थी। अस्पताल में ऑपरेशन के लिए 4 लाख रुपए मांगे थे। पैसे नहीं दिए तो ऑपरेशन रोके रखा।
किसान परिवार के होने की वजह से 29 अगस्त को उन्हें एडमिट किया गया। इसके बाद उनसे 4 लाख 50 हजार रुपए की और डिमांड की गई। पैसे देने के बाद ही इलाज शुरू हो सका। परिजनों ने चिरंजीवी योजना के नाम पर अस्पताल में घोटालों का आरोप लगाया। मौके पर ग्रामीणों के साथ पूर्व विधायक जोगाराम पटेल भी पहुंचे। मृतक के परिजन ने बताया कि रात में अस्पताल प्रशासन व पुलिस प्रशासन के बीच वार्ता हुई लेकिन विफल रही। जब तक हमसे वसूला 8.50 लाख रुपए वापस नहीं दिया जाता, तब तक हम धरना प्रदर्शन करेंगे।
अरोप है कि बेहोशी की हालत में दी छुट्टी
परिजन का कहना है कि 6 सितंबर को बेहोशी की हालत में अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। अस्पताल प्रबंधन का कहना था कि इन पर दवाई का असर है। घर के वातावरण में यह जल्द स्वस्थ हो जाएंगे। 8 सितंबर को पुन: समस्या होने पर अस्पताल लाया गया अस्पताल में पेनकिलर देकर वापस रवाना कर दिया गया। 11 सितंबर को तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर सुबह अस्पताल लाया गया। रात को 8.30 बजे अस्पताल प्रबंधन ने मृत घोषित कर दिया।
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