भारत की सीमा सुरक्षा व्यवस्था विश्व में सबसे आधुनिक होगी-अमित शाह
गृह मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में सीमांत जिला पुलिस अधीक्षक सम्मेलन को किया संबोधित
नई दिल्ली(दूरदृष्टीन्यूज),भारत की सीमा सुरक्षा व्यवस्था विश्व में सबसे आधुनिक होगी-अमित शाह। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि भारत की व्यवस्था सीमा सुरक्षा व्यवस्था दुनिया में सबसे आधुनिकतम होगी। वे
आज नई दिल्ली में सीमांत जिला पुलिस अधीक्षक सम्मेलन-2026 को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय, बंडी संजय कुमार,केन्द्रीय गृह सचिव,निदेशक आईबी और सीमांत राज्यों के पुलिस महानिदेशक उपस्थित थे।
सम्मेलन के मुख्य बिंदु
1.समग्र सीमा सुरक्षा संस्थागत रूप:-
गृह मंत्री ने कहा कि इस सम्मेलन से समग्र सीमा सुरक्षा के दृष्टिकोण को संस्थागत रूप मिला है। आने वाले समय में तटीय सीमा सुरक्षा को सुनिश्चित करने की दिशा में भी समग्रता से काम होगा।
प्रेम प्रकाश आश्रम में दो दिवसीय संत सम्मेलन शुरू
2.चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड का निर्माण
मोदी सरकार,सीमा रक्षक बल, राज्य एवं जिला प्रशासन,केन्द्र के हित धारक और स्थानीय नागरिकों के जुड़ाव से एक मज़बूत चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड बनाया जा रहा है।इससे सुरक्षा व्यवस्था रिएक्टिव से प्रोएक्टिव मोड में बदली है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट बॉर्डर की कल्पना पर आधारित भारत की सीमासुरक्षा व्यवस्था आने वाले समय में विश्व में सबसे आधुनिक होगी।
3.घुसपैठ और जन सांख्यिकी पर प्रहार
शाह ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों में जनसांख्यिकी परिवर्तन का मूल कारण घुसपैठ है। इसे रोकने के लिए रूथलैस अप्रोच अपनाई जाएगी। देश को घुसपैठिया मुक्त बनाने के लिए मज़बूत तंत्र बनाया जा रहा है। इसके लिए डेमोग्राफी मिशन शुरू किया गया है जो असामान्य जन सांख्यिकीय वृद्धि को चिन्हित कर रोकने के उपाय सुझाएगा।
4.बॉर्डर इन्फ्रास्ट्रक्चर और म्यांमार बाड़बंदी
मोदी सरकार ने बॉर्डर इन्फ्रा स्ट्रक्चर में 400 प्रतिशत वृद्धि की है। 31 हजार करोड़ रुपये की लागत से 1610 किमी लंबे म्यांमार बॉर्डर पर बाड़बंदी की जा रही है।
5.वायब्रेंट विलेजेज और आंतरिक सुरक्षा
वायब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत देश के अंतिम गांव को प्रथम गांव बनाकर पलायन रोकना, रोजगार बढ़ाना और योजनाओं का 100%क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। गृह मंत्री ने कहा कि प्रधान मंत्री मोदी के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर और नॉर्थईस्ट को आतंकवाद और नक्सलवाद से मुक्ति मिली है।अगले 3 साल में नारकोटिक्स की समस्या को भी गंभीर क्षति पहुंचाई जाएगी।
सुरक्षा के प्रमुख उद्देश्य
प्रॉक्सी वार,घुसपैठ,कट्टरपंथ, नारकोटिक्स,तस्करी,ड्रोन, साइबर अपराध,संगठित अपराध और जनसांख्यिकीय परिवर्तन रोकना,सीमा को रहने योग्य बनाना और पलायन रोकना।
शाह ने सीमांत क्षेत्रों में जन सांख्यिकी में असामान्य बदलाव की सूचना तुरंत निचले स्तर से उच्चतम स्तर तक पहुंचाने पर जोर दिया।
