डॉ.एसएन मेडिकल कॉलेज के 3 अस्पतालों में एक साथ अंगदान की शपथ

  • अंगदान जागरूकता के रूप में मनाया जा रहा जुलाई माह
  • 200 से अधिक चिकित्सा कर्मियों ने ली ऑनलाइन अंगदान शपथ
  • जोधपुर संभाग में अंगदान को बढ़ावा देने पर जोर

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),डॉ.एसएन मेडिकल कॉलेज के 3 अस्पतालों में एक साथ अंगदान की शपथ। भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार जुलाई माह को प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी अंगदान जागरूकता माह के रूप में मनाया जा रहा है। इसी क्रम में डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज, जोधपुर के तत्वावधान में महात्मागांधी चिकित्सालय, मथुरादास माथुर अस्पताल एवं उम्मेद चिकित्सालय में एक साथ अंगदान जागरूकता एवं ऑनलाइन अंगदान शपथ कार्यक्रम आयोजित किए गए।

प्रधानाचार्य एवं नियंत्रक डॉ.बीएस. जोधा ने बताया कि जोधपुर संभाग अंगदान के क्षेत्र में अभी भी पिछड़ा हुआ है। इसका मुख्य कारण चिकित्सा कर्मियों और आम जनता में जागरूकता का अभाव है। उन्होंने अंगदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एक दाता से 8 लोगों की जान बचाई जा सकती है।

कार्यक्रम की मुख्य बातें
महात्मा गांधी चिकित्सालय के अधीक्षक डॉ.फतेह सिंह भाटी ने कहा कि ईश्वर ने मानव जीवन में दान को सर्वोच्च स्थान दिया है। रक्तदान की तरह अंग एवं ऊतक दान भी जीवन बचाने का सबसे बड़ा माध्यम है। उन्होंने मेजर शैतान सिंह भाटी के उदाहरण से बताया कि समाज के प्रति उत्तरदायित्व कैसे निभाया जा सकता है। डॉ.भाटी ने कहा कि अंग दान केवल चिकित्सा प्रक्रिया नहीं,बल्कि मानवता,करुणा और सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रतीक है।

बच्चों ने समझा स्वच्छता का महत्व

मथुरादास माथुर अस्पताल
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विकास राजपुरोहित ने ब्रेनडेथ की परिभाषा,किन परिस्थितियों में अंगदान संभव है,कानूनी प्रक्रिया और इससे जुड़े मिथकों पर विस्तार से जानकारी दी।
यूरोलॉजी विभाग से डॉ. गोवर्धन चौधरी एवं डॉ. नवीन तथा नेफ्रोलॉजी विभाग से डॉ.सुरेंद्र सिंह राठौड़ ने भी अपने विचार रखे।

उम्मेद चिकित्सालय
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मोहन मकवाना ने अंगदान के महत्व के साथ-साथ इस कार्यक्रम में नर्सिंग कर्मियों की भूमिका पर विस्तार से बताया। कार्यक्रम में डॉ. एसके बिश्नोई,डॉ.संदीप चौधरी एवं डॉ.रघुनाथ भी उपस्थित थे।

नोडल प्रभारी डॉ.वंदना शर्मा ने बताया कि वर्तमान में लीवर एवं किडनी की आवश्यकता और उपलब्धता में भारी असंतुलन है। कैडेवरिक अंगदान नगण्य होने के कारण अधिकांश मरीज अंगों की प्रतीक्षा में ही दम तोड़ देते हैं।

अंत में मथुरादास माथुर अस्पताल की चीफ ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर शिमला पूनिया ने सभी को ऑनलाइन अंगदान शपथ दिलवाई। इस दौरान लगभग 200 चिकित्सा कर्मियों ने अंगदान की शपथ ली।