अधिकारियों व फर्म की मिलीभगत से ठेका कर्मचारीयों का शोषण

बिजली बोर्ड में ठेके पर नियोजित कर्मियों का मानदेय हड़प कर कार्य से बाहर किया

जोधपुर,विधुत वितरण निगम लि.में 33/11केवी जीएसएस संचालन हेतु डीग मैन पावर एण्ड सिक्योरिटी फर्म ने 2 से 5 माह तक का मानदेय नहीं दिया। मासिक वेतन का अधिकारीयों का ज्ञात होते हुए भी ठेका कर्मचारियों को नहीं बताया गया कि फर्म की सेवा 27 जून को समाप्त हो गई तथा कार्यरत कर्मचारियों को बिना सूचना के कार्य से हटा दिया। जिसके चलते कई ठेका कर्मचारी बेरोजगार हो गए।इन कर्मचारीयों ने राज्य सरकार से बजट घोषणा में की गई नवगठित सरकारी कम्पनी में लेने की मांग की है। जिसे इन प्लेसमेंट एजेंसियों के शोषण से मुक्ति मिलेगी।

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कार्यकारी अध्यक्ष चन्दन सिंह भाटी ने बताया कि सभी कर्मचारी वर्ष 2018 से विधुत विभाग में ठेके पर कार्यरत होने के बावजूद विभाग व ठेका फर्म ने अपनी तानाशाही दिखाते हुए सदैव इन्हें अंधेरे में रखा। इनका शोषण किया। 4000/5000 रुपए मानदेय देकर 12 से 16 घंटे कार्य लिया जाता था। इन्हें कभी भी मासिक अवकाश भी नहीं दिया गया और न ही इन्हें सुरक्षा टूलकिट दिया गया,जिसके चलते वर्षा काल में विधुत सप्लाई सुचारु करनें में असुविधा होती है। कई वर्कर दुर्घटना के शिकार होकर अंग भंग करा चुके हैं,तो कुछ दुनियां को अलविदा कर चुके। फर्म से वेतन मांगने पर कभी संतोषजनक जबाब तक नही दिया जाता जिसके चलते कर्मियों में भारी रोष है। विभाग जल्द से जल्द इन्हें कार्य बहाल करे तथा 10%विलम्ब राशि की फर्म से कटौती करके कर्मचारीयों को पूर्ण वेतन दिलाया जाए अन्यथा सभी ठेका कर्मचारी भुख हड़ताल करेंगे जहां विद्युत विभाग मुख्य नियोजक होने के कारण अपनी जिम्मेदारी पूर्ण करे एवं सह नियोजक फर्म डीग मेन पावर एण्ड सिक्योरिटी के विरुद्ध कार्यवाही कर उसे ब्लेक लिस्ट घोषित करे।

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