आखिरकार सीआरपीएफ जवान ने खुद को गोली से उड़ाया

16 घंटे की समझाइश नाकाम

  • गर्दन के पास राइफल रख दबाया ट्रिगर

  • पत्नी व बच्ची को बंधक बनाकर रविवार शाम से करता रहा फायरिंग

  • अवसाद से ग्रस्त था

जोधपुर, शहर के दइजर स्थित पालड़ी खिंचियान के केंद्रीय सुरक्षा रिजर्व बल प्रशिक्षण केंद्र में रविवार शाम से ही दहशत का माहौल था। सीआरपीएफ के जवान ने खुद को पत्नी और बच्ची के साथ घर में कैद कर फायरिंग करता रहा। सोमवार की सुबह उसने खुद को गोली मार ली। गर्दन के पास में राइफल को रख ट्रिगर दबा दिया। गोली की आवाज पर वहां मौजूद पुलिस अफसरों हडक़ंप मच गया।
पुलिस उपायुक्त डॉक्टर अमृता दुहन ने बताया कि जवान की मौत हो गई है। मौके की कार्रवाई जारी है। पुलिस कमिश्रर, डीसीपी, सीआरपीएफ के अधिकारी मौके पर मौजूद है।

गौरतलब है कि कमिश्नर रविदत्त गौड़ व सीआरपीएफ डीआईजी भूपेंद्र भी मौके पर पहुंचे और जवान को समझाने के प्रयास करते रहे। आरंभिक पड़ताल में उसके अपने अधिकारियों से नाराजगी होने का भी का पता लगा। वह डीआईजी के साथ हुई बोलचाल को लेकर आहत था। जवान नरेश जाट का ट्रेनिंग सेंटर में घर है। उसने अपने घर से हवा में फायर किए थे। बताया जा रहा है कि जवान ने कुल आठ दस  फायर अपने घर से किए थे। नरेश पाली जिले के राजोला का रहने वाला था। नरेश का भाई पुलिस विभाग पाली में हेड कांस्टेबल है। इधर, नरेश के पिता को भी रात में गांव से बुलाया गया है ताकि वह नरेश को समझाए।

पिता किसान, एक भाई पाली में हैडकांस्टेबल

करवड़ थानाधिकारी कैलाशदान ने बताया कि जवान नरेश जाट के पिता लिखमाराम जाट किसान वर्ग से हैं। एक भाई पुखराज है जो पाली जिला पुलिस में हैडकांस्टेबल के पद पर लगा हुआ है।

तीसरी मंजिल पर बना है क्वार्टर

नरेश जाट दइजर स्थित पालड़ी खिंचियान के सीआरपीएफ के सरकारी क्वार्टर में रहता था। वह पिछले दो ढाई साल से यहां पर ही पोस्टेड था।

इंडियन स्माल आर्म सिस्टम की लाइट मशीन गन थी

नरेश जाट के पास में इंडियन स्माल आर्म सिस्टम की लाइट मशीन गन थी। उसने उससे रविवार को कई राउण्ड फायर किए थे। आज सुबह गर्दन के पास में इसे रखकर ट्रिगर दबा दिया। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

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