डॉ.राहुल को इंडियन कॉलेज ऑफ फिजिशियन की प्रतिष्ठित फैलोशिप
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),डॉ.राहुल को इंडियन कॉलेज ऑफ फिजिशियन की प्रतिष्ठित फैलोशिप।शहर के प्रख्यात फिजिशियन डॉ.राहुल कुमार मीणा को चिकित्सा विज्ञान एवं स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट एवं सराहनीय योगदान के लिए फेलोशिप ऑफ इंडियन कॉलेज ऑफ फिज़ीशियंस (FICP) सम्मान से नवाज़ा गया है। यह प्रतिष्ठित सम्मान एसोसिएशन ऑफ फिज़ीशियंस ऑफ इंडिया (API) द्वारा आयोजित 81वें राष्ट्रीय वार्षिक सम्मेलन APICON 2026 के दौरान प्रदान किया गया जिसकी थीम “मानवता की सेवा में चिकित्सा विज्ञान” रखी गई।
यह राष्ट्रीय सम्मेलन 29 जनवरी से 1 फरवरी 2026 तक पटना,बिहार के सम्राट अशोक कन्वेंशन सेंटर में आयोजित हुआ,जिसमें देशभर के वरिष्ठ चिकित्सकों,शिक्षाविदों एवं चिकित्सा विशेषज्ञों ने भाग लिया। डॉ.राहुल कुमार मीणा को यह फेलोशिप चिकित्सा विज्ञान में उनके उल्लेखनीय अकादमिक योगदान,रोगी-सेवा के प्रति समर्पण, शोध कार्यों तथा जन-स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए गए प्रभावशाली प्रयासों के लिए प्रदान की गई।
FICP सम्मान API द्वारा देश के चुनिंदा और उत्कृष्ट चिकित्सकों को ही दिया जाता है,जो चिकित्सा क्षेत्र में उच्च मानक स्थापित करते हैं। इस उपलब्धि से न केवल डॉ.मीणा बल्कि जोधपुर के चिकित्सा समुदाय का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित हुआ है। वर्तमान में डॉ. राहुल कुमार मीणा,एसएन मेडिकल कॉलेज,जोधपुर से संबद्ध महात्मा गांधी अस्पताल में मेडिसिन विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं और वर्षों से मरीजों की सेवा के साथ-साथ मेडिकल छात्रों के प्रशिक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय जनरल्स में शोध पत्र प्रकाशित किए हैं तथा विभिन्न चिकित्सा सम्मेलनों में सक्रिय सहभागिता निभाई है।
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उनके शोध कार्यों का मुख्य फोकस डायबिटीज,हाइपरटेंशन,गठिया रोग,संक्रामक रोग और उभरती बीमारियों पर रहा है जिससे चिकित्सा समुदाय को नई दिशा मिली है। इस अवसर पर डॉ.मीणा ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने संस्थान के प्रधानाचार्य डॉ. बीएस.जोधा को देते हुए उनके निरंतर मार्गदर्शन,सहयोग एवं प्रोत्साहन के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने अपने विभागाध्यक्ष डॉ.संदीप टाक एवं डॉ नवीन किशोरिया का विशेष धन्यवाद किया,जिनके नेतृत्व, अकादमिक समर्थन और प्रेरणा से उन्हें चिकित्सा,शिक्षण एवं शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली।
