पॉलिटेक्निक जोधपुर में IPR पर मंथन
- छात्रों को सिखाया आइडिया को पेटेंट में कैसे बदलें
- नवाचार को मिला DST का साथ -राजकीय पॉलिटेक्निक में बौद्धिक संपदा जागरूकता कार्यशाला
- पेटेंट से प्रोटेक्शन तक: जोधपुर पॉलिटेक्निक के छात्रों ने सीखे IPR के गुर
- आइडिया चोरी से बचो: भारत सरकार के एक्सपर्ट ने पॉलिटेक्निक छात्रों को दिए IPR टिप्स
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),पॉलिटेक्निक जोधपुर में IPR पर मंथन।राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज,जोधपुर में बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग,राजस्थान सरकार के सहयोग से हुए इस कार्यक्रम में छात्रों को नवाचार को पेटेंट कराने के गुर सिखाए गए।
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कार्यशाला की 3 बड़ी बातें
1-एक्सपर्ट की क्लास
भारत सरकार के पेटेंट परीक्षक संजय देवड़ा ने बताया कि पेटेंट, डिज़ाइन और ट्रेडमार्क कैसे फाइल करें। उन्होंने कहा कि आइडिया को सिर्फ दिमाग में मत रखो,पेटेंट कराकर कमर्शियल बनाओ।
2-कानूनी पहलू
राजस्थान हाई कोर्ट के अधिवक्ता आशीष पुरोहित ने समझाया कि डिजिटल युग में कॉपीराइट चोरी बड़ी चुनौती है। उन्होंने छात्रों को अपने इनोवेशन लीगल तरीके से सुरक्षित रखने की सलाह दी।
3- प्राचार्य का विजन
प्राचार्य डॉ.अजय माथुर ने कहा कि IPR की जानकारी से रिसर्च की भावना बढ़ती है। यह आत्मनिर्भर भारत के लिए जरूरी है।
कार्यक्रम प्रभारी राजेश बिश्नोई, विभागाध्यक्ष (कंप्यूटर) ने बताया कि कॉलेज छात्रों को किताबी ज्ञान के साथ प्रैक्टिकल इनोवेशन भी सिखा रहा है। मंच संचालन प्लेसमेंट अधिकारी टीआर राठौड़ ने किया। कार्यशाला में बड़ी संख्या में छात्र और फैकल्टी मौजूद थे। सभी ने पूरे जोश से हिस्सा लिया।
