विश्व भाल पर हिंदी की बिंदी

संदर्भ-विश्व हिंदी दिवस लेखक-पार्थसारथि थपलियाल आज विश्वहिंदी दिवस पर आपको शुभकामनाएं। हिंदी बोलें,लिखें,पढ़ाएं हिंदी का हम मान बढ़ाएं विश्व भाल पर हिंदी की बिंदी। 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है। 10 जनवरी से 14 जनवरी 1975 तक नागपुर में प्रथम बार “विश्व हिंदी सम्मेलन” का आयोजन किया गया था। […]

नफरत की दुकान पर सड़क छाप ड्रामा

नफरत की दुकान पर सड़क छाप ड्रामा राष्ट्रप्रथम लेखक-पार्थसारथि थपलियाल 13 दिसंबर 2023,को संसद के नए भवन में दर्शक दीर्घा से लोकसभा में कूदने वाले संगठित अभियुक्तों के दुस्साहसपूर्ण कृत्य पर गृहमंत्री के वक्तव्य की मांग को लेकर विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया। निर्धारित मानदंडों का उल्लंघन करने पर 19 दिसम्बर को संसद परिसर में […]

हिन्दी हमारी संस्कृति व संस्कारों की सच्ची संवाहक

हिन्दी हमारी संस्कृति व संस्कारों की सच्ची संवाहक                    हिंदी दिवस विशेष – दया जोशी/प्रसून अग्रवाल हल्द्वानी,हिन्दी हमारी संस्कृति व संस्कारों की सच्ची संवाहक। भाषा वही जीवित रहती है जिसका प्रयोग जनता करती है। भारत में लोगों के बीच संवाद का सबसे बेहतर माध्यम हिन्दी है। बहुत […]

अतिक्रमण: दर्द भरे दिल की जुबां,जाएं तो जाएं कहाँ?

अतिक्रमण: दर्द भरे दिल की जुबां, जाएं तो जाएं कहाँ? – पार्थ सारथि थपलियाल पहाड़ी जिंदगी भी क्या ज़िंदगी है, दिखती है हसीनों की तरह, होती है मुफलिसी की तरह। चार दिन के लिए इन पहाड़ों में मटरगस्ती के लिए जानेवाले जब कहते हैं-यह तो देवभूमि है यहां के लोग न जाने क्यों शहरों की […]

आमजन को राज्य सरकार की सौगात पावटा का नवनिर्मित आधुनिक बस अड्डा

आमजन को राज्य सरकार की सौगात पावटा का नवनिर्मित आधुनिक बस अड्डा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की जोधपुर यात्रा पर विशेष जोधपुर,आमजन को राज्य सरकार की सौगात पावटा का नवनिर्मित आधुनिक बस अड्डा।शहर के पावटा मण्डी क्षेत्र में निर्मित आधुनिक बस स्टैण्ड क्षेत्र वासियों के लिए राज्य सरकार की वह सौगात है जो आमजन के लिए […]

स्वाधीनता से स्वतंत्रता की ओर

राष्ट्रप्रथम लेखक:-पार्थसारथि थपलियाल भारत को 1857 की क्रांति के बाद (ईस्ट इंडिया कंपनी से) भारत का शासन ब्रिटेन सरकार ने अपने हाथों में पूर्णतः ले लिया था। इस सरकार ने जो दमनकारी नीतियां लागू की उससे भारतीय समाज की स्थिति बहुत खराब हुई और लोगों में ब्रिटिश सरकार के विरुद्ध आक्रोश बढ़ा। 1885 में एक […]

बड़े बेआबरू होकर तेरे कूचे से हम निकले..

अविश्वास प्रस्ताव लेखक-पार्थसारथि थपलियाल बड़े बेआबरू होकर तेरे कूचे से हम निकले…. उत्तराखंड में एक जंगली फल होता है उसे तिमल कहते हैं। बात अभावग्रस्त समय की है। उस समय लोग कुर्ता घुटने तक पहते थे। 8-10 वर्ष की उम्र के बच्चे कई बार बिना अधोवस्त्र के जंगल में निकल जाते। ऐसा ही एक लड़का […]

भारत में प्रसारण का प्रसार और स्थिति

भारत में प्रसारण का प्रसार और स्थिति भारतीय प्रसारण दिवस-(23जुलाई) विशेष लेखक –पार्थसारथि थपलियाल भारत में प्रसारण का प्रसार और स्थिति। दुनिया में पहली बार रेडियो सिग्नल सुने जाने की आधिकारिक ज्ञात तिथि 24 दिसम्बर 1906 मानी जाती है। व्यवस्थित तौर पर पहला रेडियो स्टेशन 1918 में कनाडा में स्थापित किया गया। यह समय प्रथम […]

समान नागरिक संहिता न्यायिक समानता का आधार

समान नागरिक संहिता न्यायिक समानता का आधार सामायिकी पार्थसारथि थपलियाल भारतीय संविधान में अल्पसंख्यक शब्द का प्रयोग हुआ है। अल्प का अर्थ है बहुत कम और संख्यक का अर्थ है संख्या वाले। अर्थात कम संख्यावाले। मुख्यतः संविधान के अनुच्छेद 29 व 30 में अल्पसंख्यक शब्द मिलता है। संविधान में अल्प संख्यक शब्द की परिभाषा स्पष्ट […]

वयं राष्ट्रे जागृयाम-हम राष्ट्र को जीवंत रखेंगे

वयं राष्ट्रे जागृयाम-हम राष्ट्र को जीवंत रखेंगे लेखक:- पार्थसारथि थपलियाल भारत विश्व का सबसे पुराना और सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। सबसे पुराना इसलिए कि जब दुनिया में डेमोक्रेसी का नाम भी नही था तब भारत में लोकतंत्र था। इतिहास में जाएंगे तो गण की अवधारणा ऋग्वेद में है और साहित्य में पढ़ेंगे तो कालिदास […]