अगले पड़ाव पर पहुंची भोगिशैल परिक्रमा यात्रा
हेमलता राज्ये ने रातानाडा गणेश मंदिर में दर्शन के बाद शुरू की पदयात्रा
जोधपुर(दूरदृष्टिन्यूज),अगले पड़ाव पर पहुंची भोगि शैल परिक्रमा यात्रा। सनातन सभ्यता,संस्कृति और अध्यात्म का संगम मानी जाने वाली पौराणिक भोगिशैल परिक्रमा यात्रा दूसरे दिन मंगलवार सुबह रातानाडा गणेश मंदिर में दर्शनों के बाद अगले पड़ाव पर रवाना हुई। इस दौरान पूर्व महारानी हेमलता राज्ये ने भी रातानाडा गणेश मंदिर में दर्शन के बाद पदयात्रा शुरू की। हेमलता राज्ये भोगिशैल परिक्रमा में आने वाले मंदिरों के दर्शन कर मारवाड़ की खुशहाली की प्रार्थना करेंगी। सैना चार्य अचलानंद परिक्रमा यात्रा में उनके साथ थे।
परिक्रमा यात्रा आयोजन समिति के संयोजक नरेश जाजड़ा व सचिव विष्णु चन्द्र प्रजापत ने बताया कि यह परिक्रमा यात्रा पुरुषोत्तम मास (अधिक मास) में आयोजित होती है। इस वर्ष ज्येष्ठ मास अधिक होने के कारण यह यात्रा सोमवार को रवाना हुई थी जो 31 मई को सम्पन्न होगी। यात्रा के दौरान 54 से अधिक मंदिरों में श्रद्धालु दर्शन करेंगे।
उन्होंने बताया कि गत सौ वर्षों से हिन्दू सेवा मण्डल जोधपुर द्वारा यह परिक्रमा यात्रा निकाली जा रही है। सोमवार को परिक्रमा ध्वज का रात्रि विश्राम भाटी चौराहा पर था।मंगलवार सुबह यात्रा व परिक्रमा ध्वज दूसरे पड़ाव के लिए रवाना हुई। यह यात्रा रिक्तियां भैरूजी,जलजोग चौराहा,बारहवीं रोड,पाल रोड,मसूरिया बाबा रामदेव मंदिर,पाल लिंक रोड,जूना खेड़ापति बालाजी,नाइयों की बगीची,चौपासनी रोड प्रथम पुलिया होते हुए चौपासनी पहुंची। रात्रि विश्राम चौपासनी क्षेत्र में किया।
इससे पहले मंगलवार सुबह चार बजे हेमलता राज्ये ने रातानाडा गणेश मंदिर में दर्शन व पूजा अर्चना करने के बाद भोगिशैल परिक्रमा पदयात्रा शुरू की। उनके साथ में सैनाचार्य अचलानन्द भी थे। जोधपुर के पूर्व राज परिवार का वर्षो से भोगिशैल परिक्रमा से जुड़ाव रहा है। वर्ष 2012 में 26 अगस्त से एक सितंबर तक भोगिशैल परिक्रमा के दौरान हेमलता राज्ये ने परिक्रमा क्षेत्र में आने वाले विभिन्न मंदिरों के सात दिन दर्शन किए थे। उस समय सैकड़ो महिलाएं उनके साथ रही थी।
इन मंदिरों में किए दर्शन
हेमलता राज्ये ने सैनाचार्य अचलानंद गिरी के साथ सबसे पहले रातानाडा गणेश मंदिर,रोटरी बालाजी मंदिर,रिक्तिया भेरूजी मंदिर,जूना खेड़ापति मंदिर, नाइयों की बगीची स्थित बालाजी का मंदिर व चौपासनी स्थित श्याम मनोहर प्रभु मंदिर में दर्शन कर मारवाड़ वासियों की खुशहाली की प्रार्थना की। मेहरानगढ़ म्यूजियम ट्रस्ट के सुरक्षा अधिकारी किशनवीर सिंह राठौड़ व करण सिंह भाटी व्यवस्था संभाले हुए थे।
खुद के डिजाइन किए कपड़े पहनकर किया रैंप वॉक
परिक्रमा के दौरान अनुपमा सिंह,योगेश्वरी सिंह,रंभा सिंह व राजेश्वरी सिंह भी साथ थी। हेमलता राज्ये का सुबह से लेकर दोपहर बाद तक जगह-जगह विभिन्न समितियां, संस्थाओं,समाज संगठनों द्वारा मालाएं पहनाकर, चाय,शरबत,नींबू शिकंजी की मनुहार कर स्वागत किया। हेमलता राज्ये पदयात्रा के दौरान साथ चल रही महिलाओं से बातचीत करते हुए,उनका हौसला बढ़ाते हुए चल रही थी।
कल यह रहेगा यात्रा का रूट
तीसरे दिन बुधवार 27 मई को सुबह चौपासनी से प्रस्थान कर यात्रा हथकरघा भवन,दंताल माता मंदिर, श्रीजी बैठक,कच्छवाहा चौराहा,अरना तीर्थ,झरना
तालाब,भदरेसिया, हाड़माता मंदिर,कदमकंडी की सीढिय़ां होते हुए बड़ली पहुंचेगी। यात्रा का बड़ली भैरू में पड़ाव रहेगा।
अगले दिन गुरुवार 28 मई को यात्रा बड़ली से प्रस्थान कर केरू-बेरू रोड,सोढ़ों की ढाणी,रूपावतों का बेरा,कुई बावड़ी,भूरी बेरी, अक्षरधाम मंदिर,पन्नालाल गौशाला,बृहस्पति कुण्ड होते हुए वैद्यनाथ महादेव मंदिर पहुंचेगी। विश्राम वैद्यनाथ महादेव क्षेत्र में रहेगा।
शुक्रवार 29 मई को सुबह पांच बजे वैद्यनाथ महादेव से प्रस्थान कर यात्रा वैद्यनाथ पगडण्डी, मंडलनाथ महादेव,कुण्डली माता,बीएसएफ,जोगी तीर्थ,दईजर माता मंदिर होते हुए बेरीगंगा पहुंचेगी। दिन एवं रात्रि विश्राम बेरीगंगा क्षेत्र में रहेगा।
छठे दिन शनिवार 30 मई को यात्रा बेरीगंगा से प्रस्थान कर निम्बली तीर्थ, निम्बा तीर्थ,मण्डोर रेलवे स्टेशन बालाजी,काला- गोरा भैरूजी मंदिर होते हुए मण्डोर उद्यान पहुंचेगी। विश्राम मण्डोर उद्यान में रहेगा।
अंतिम दिन रविवार 31 मई को सुबह मण्डोर से प्रस्थान कर यात्रा भुवनेश्वरी माता मंदिर,सन्तोषी माता,राम मोहल्ला,कागा तीर्थ, शीतला माता मंदिर, महामंदिर,शक्ति नगर, बीजेएस रेलवे लाइन, बनाड़ रोड,शेखावतजी का तालाब,मिलिट्री एरिया, उम्मेद भवन,गणेश मंदिर, रातानाड़ा पुलिस लाइन, मोहनपुरा पुलिया,सोजती गेट,घास मंडी,कंदोई बाजार,कटला बाजार, कपड़ा बाजार,सर्राफा बाजार एवं जूनी मंडी होते हुए गंगश्याम मंदिर पहुंचेगी। तत्पश्चात हिन्दू सेवा मण्डल कार्यालय घण्टाघर में परिक्रमा ध्वज के साथ यात्रा का विधिवत संपन्न होजी।
