दुष्कर्म पॉक्सो केस में आर्मी मैस का ठेकेदार गिरफ्तार

मां ही बेटी को गलत काम में लगाना चाहती थी

जोधपुर, जिला पूर्व में नाबालिग से दुष्कर्म और पॉक्सो के केस में पुलिस ने अब आर्मी मैस में ठेकेदार को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि पॉक्सो के इस केस में बच्ची की मां भी आरोपी का सहयोग कर रही थी। पुलिस बच्ची की मां से भी पड़ताल कर रही है। बच्ची को पुलिस गत दिनों गुजरात से संरक्षण में लेकर आई थी। मां ने एक व्यक्ति पर उसे बहलाफुसला कर भगा ले जाने का आरोप लगाया था। जबकि बच्ची अपनी बहन के घर पर गुजरात में मिली थी।

जिला पूर्व के एक निरीक्षक ने बताया कि एक महिला की तरफ से 7 फरवरी को मामला दर्ज करवाया गया था। इसमें बताया कि उसकी 16 साल की बेटी 9 जनवरी से लापता है। इस पर महिला ने आस पास पड़ताल की तो लगा कि गुजरात के सूरत का रहने वाला गेबू पुत्र भगतराज उसे भगा ले गया है। इस पर महिला की तरफ से बेटी के अपहरण का केस दर्ज करवाया गया था।

पुलिस निरीक्षक के अनुसार बच्ची की तलाश में पुलिस की टीम को लगाया गया। तब उसके गुजरात सूरत में अपनी बहन के  यहां होने की जानकारी पर पुलिस वहां पहुंची। पुलिस ने बच्ची को संरक्षण में लिया तो चौकाने वाली बात सामने आई। इसमें बताया कि उसकी मां उसे गलत कामों में डालना चाहती है। इसके लिए उसने उम्मेद हेरिटेज में रहने वाले जीके गुप्ता पुत्र रतनलाल के पास में भेजा था और कहा कि साब बड़े आदमी है। तेरी किस्मत बना देंगे। इस बच्ची को जीके गुप्ता के साथ भेजा गया था। तब जीके गुप्ता ने इस बच्ची के साथ रातानाडा स्थित अपने एक खाली भवन में दुष्कर्म किया।

बच्ची को जोधपुर लाए जाने के बाद उसके मजिस्टे्रट के समक्ष बयान भी करवाए गए। पुलिस निरीक्षक ने बताया कि पॉक्सो एवं दुष्कर्म केस में अब उम्मेद हेरिटेज भवन नंबर 122 में रहने वाले जीके गुपता पुत्र रतनलाल को गिरफ्तार कर लिया गया है। बच्ची की मां का भी इसमें सहयोग सामने आ रहा है। उससे अभी पूछताछ की जा रही है। पुलिस के अनुसार आरोपी जीेके गुप्ता आर्मी मैस का ठेकेदार है। वह ठेके लेने का काम करता है।

मीडिया ट्रायल के बाद चेती पुलिस

सूत्रों के मुताबिक पुलिस आरोपी जीके गुप्ता से पिछले दो तीन दिन से पूछताछ कर रही थी। मगर पॉक्सो में उसे गिरफ्तारी नहीं बता रही थी। मीडिया ट्रायल के बाद चेती पुलिस ने शुक्रवार को उसकी गिरफ्तारी दर्शायी। इस घटना को लेकर शहर की महिला संगठनों से जुड़ी कई संस्थाओं ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाए हैं।

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