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एडीएम गरवा ने विभिन्न विभागों के एक्शन प्लान पर की चर्चा

  • जोधपुर जिला बाल संरक्षण इकाई की बैठक
  • त्रैमासिक समीक्षा कर दिए आवश्यक निर्देश

जोधपुर,अतिरिक्त जिला कलेक्टर (शहर-प्रथम) रामचंद्र गरवा की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जोधपुर जिले में समेकित बाल संरक्षण योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं संचालन के संबंध में बैठक आयोजित हुई। इसमें विभिन्न विभागों से संबंधित गतिविधियों के साथ जिला बाल संरक्षण इकाई से संबंधित विभिन्न प्रकरणों पर समीक्षा की गई।

बाल कल्याण समिति द्वारा उपेक्षित श्रेणी के बालक-बालिकाओं के संबंध में,किशोर न्याय बोर्ड द्वारा विधि से संघर्षरत बालकों के संबंध में त्रैमासिक (जुलाई से सितंबर 2022 में) प्राप्त,लंबित एवं निस्तारित प्रकरणों की समीक्षा की गई।

बाल संरक्षण विषयक विस्तृत समीक्षा

अतिरिक्त जिला कलेक्टर द्वारा राजकीय एवं गैर राजकीय बाल गृहों में देय सुविधाओं में,बाल परामर्श एवं कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्र में वर्तमान में संचालित कौशल प्रशिक्षण पाठ्यक्रम की प्रगति रिपोर्ट,विशेष किशोर पुलिस इकाई एवं मानव तस्करी विरोधी यूनिट द्वारा की गई कार्यवाही एवं पोक्सो के प्राप्त प्रकरणों,ब्लॉक एवं ग्राम स्तर पर बाल संरक्षण समितियों के गठन एवं बैठकों,18 वर्ष से कम आयु के बालक-बालिकाओं में नशे की प्रवृत्ति रोकने एवं उन्मूलन के लिए एक्शन प्लान तथा समेकित बाल पुनर्वास केंद्र के संचालन,दत्तक ग्रहण एवं किशोर न्याय अधिनियम 2022 में नए नियम एवं चाइल्ड लाइन के अंतर्गत गठित समिति (सीएबी) की समीक्षा की गई।

यह दिए महत्वपूर्ण निर्देश

अतिरिक्त जिला कलक्टर रामचंद्र गरवा ने बैठक में किशोर न्याय बोर्ड के अंतर्गत लंबित प्रकरणों के लिए पुलिस एवं इससे संबद्धजनों को निर्देश दिए कि इसके लिए तामील प्रक्रिया को सुदृढ़ करने के काम में तेजी लाते हुए गंभीरता से निस्तारण करें।उन्होंने राजकीय एवं गैर राजकीय बाल गृह के संबंध में पत्राचार पाठ्यक्रम करने के इच्छुक विद्यार्थियों के ऑनलाइन डॉक्यूमेंटेशन संबंधी परेशानियों के निराकरण लिए स्टेट बोर्ड एवं माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अधिकारियों को इस समस्या का संज्ञान लेकर त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।

औपचारिकताएं शीघ्र निपटाएं

इसी प्रकार उन्होंने एडॉप्शन प्रक्रिया में बर्थ सर्टिफिकेट के लिए नगर निगम के संबंधित अधिकारियों को सभी औपचारिकताओं को समय पर संपादित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने विशेष दिव्यांग जन बच्चों के विकलांग सर्टिफिकेट के लिए चिकित्सा विभाग की टीम को प्रार्थी के घर पर पहुंचकर सर्टिफिकेट प्रदान करने की सुविधा पर विचार करने का सुझाव दिया।

भिक्षावृत्ति वाले बच्चों की सूचना चाईल्ड लाईन को पहुंचाए

उन्होंने ट्रैफिक सिग्नल पर भिक्षावृत्ति कर रहे बच्चों की सूचना चाइल्ड लाइन तक पहुंचाने पर जोर दिया और इसमें यातायात पुलिस की भूमिका को अहम बताया। चौराहों पर हैल्पलाइन नंबर चस्पा करने के लिए एनजीओ की सहायता लेने के निर्देश दिए। बैठक में सहायक निदेशक जिला बाल संरक्षण इकाई बाल अधिकारिता विभाग जोधपुर बजरंग सारस्वत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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