दो करोड़ लागत की जिनोम सिक्वेंस मशीन पहुंची जोधपुर

  • सप्ताह भर में होगा इंस्टालेशन कार्य पूरा
  • मेडिकल कालेज में लगेगी मशीन
  • इस तरह के वैरिएंट की जांच के लिए जोधपुर पूरी तरह से जयपुर पर निर्भर है
  • नहीं हो पा रही थी वेरियंट की पहचान,अब जोधपुर में होगी जांच

जोधपुर, शहर में अब कोरोना मरीजों को राहत मिल जाएगी। दो करोड़ लागत की जिनोम मशीन जोधपुर पहुंच गई है। अब मरीजों डेल्टा या ओमिक्रॉन, कौनसा वैरिएंट है, इसकी रिपोर्ट जल्दी से मिलना शुरू हो जाएगी। एक सप्ताह के भीतर इसका इंस्टालेशन पूरा कर जांच शुरू कर दी जाएगी। वर्तमान में इस तरह के वैरिएंट की जांच के लिए जोधपुर पूरी तरह से जयपुर पर निर्भर है। जयपुर में सैंपल जांच का इतना अधिक भार है कि जांच रिपोर्ट आने से पहले अधिकांश मरीज ठीक हो चुके होते हैं।

नहीं हो पा रही थी वेरियंट की पहचान

शहर में सबसे बड़ी परेशानी यह रही कि वायरस के वैरिएंट की पहचान नहीं हो पा रही है। सभी रोगियों के सैंपल जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए जयपुर तो भेजे जा रहे हैं, लेकिन वहां से रिपोर्ट नहीं आ रही। ऐसे में शहर में ओमिक्रॉन वैरिएंट फैल रहा है या डेल्टा, इसका जवाब किसी के पास नहीं है। जोधपुर में अभी तक ओमिक्रॉन के तीन मरीज सामने आए। जयपुर से इनकी रिपोर्ट इतनी विलम्ब से आई कि ओमिक्रॉन वैरिएंट का पता लगने से पहले मरीज ठीक हो चुके थे।

कोरोना मरीजों की हुई मौत

शहर में जनवरी के पहले 10 दिन में ही 3025 पॉजिटिव मिल चुके हैं। 371 मरीज डिस्चार्ज हुए हैं। जबकि 2 संक्रमितों की मौत हो चुकी है। मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या ने लोगों के साथ ही डॉक्टरों व प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। अब जीनोम सिक्वेंसिंग जांच करने वाली 1.95 करोड़ की मशीन मेडिकल कॉलेज पहुंच चुकी है। इसे एक सप्ताह के भीतर इंस्टाल कर शुरू कर दिया जाएगा।

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