जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में कांग्रेस नेताओं का धरना

नरेंद्र शर्मा ने पुलिस कार्रवाई में देरी पर उठाए सवाल

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में कांग्रेस नेताओं का धरना। दिल्ली में राजस्थान की बेटी एवं एनएसयूआई की राष्ट्रीय सचिव रीतू बराला के साथ कथित मारपीट और दुर्व्यवहार के मामले में जीरो एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर कांग्रेस नेताओं द्वारा धरना दिया गया।

जोधपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के ओबीसी विभाग के जिलाध्यक्ष नरेंद्र शर्मा ने बताया कि राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेता 19 अक्टूबर की शाम से जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में धरने पर बैठे हैं। रातभर धरने पर रहने के बावजूद 20 अक्टूबर तक मांग पूरी नहीं होने पर उन्होंने नाराजगी जताई।

नरेंद्र शर्मा ने बताया कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली,पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं ने रीतू बराला को न्याय दिलाने के लिए पुलिस प्रशासन से नियमानुसार जीरो एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

उन्होंने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी जैसलमेर और जोधपुर का दौरा छोडक़र देर रात धरना स्थल पर पहुंचे और वहां मौजूद नेताओं से मुलाकात की। शर्मा ने कहा कि कथित मारपीट और दुर्व्यवहार की शिकायत पर कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं को रातभर पुलिस कमिश्नरेट में बैठना पड़ रहा है,यह गंभीर विषय है।

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पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी है कि शिकायत पर नियमानुसार कार्रवाई करे। घटना दूसरे राज्य में होने के आधार पर शिकायत दर्ज करने में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जीरो एफआईआर दर्ज करने में देरी के कारण रीतू बराला को न्याय के लिए भटकना पड़ रहा है।
उन्होंने आशंका जताई कि कहीं छात्र संगठन एनएसयूआई से जुड़ाव के कारण तो उनके अधिकारों की अनदेखी नहीं हो रही है।

सरकार की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
नरेंद्र शर्मा ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ की बात करती है, लेकिन इस मामले में शिकायत पर कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने सरकार की कथनी और करनी में अंतर होने का आरोप लगाया। शर्मा ने पुलिस प्रशासन से मांग की कि रीतू बराला की शिकायत पर तत्काल नियमानुसार कार्रवाई की जाए,जीरो एफआईआर दर्ज करने के अनुरोध पर कानून के अनुसार निर्णय लिया जाए और मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए।

शिकायतकर्ता की सुरक्षा, गरिमा और न्याय के अधिकारों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी बेटियों के सम्मान और न्याय के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेगी और आवश्यकता पडऩे पर आंदोलन भी करेगी।