पहाड़ी क्षेत्रों में निर्माण नियमों को लेकर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
-अगली सुनवाई 18 को
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),पहाड़ी क्षेत्रों में निर्माण नियमों को लेकर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब। राजस्थान हाईकोर्ट ने पहाड़ी क्षेत्रों में भवन निर्माण और विकास से जुड़े नियमों को लेकर राज्य सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट ने पूछा है कि केंद्र के मानकीकृत विकास एवं भवन विनियम, 2023 को राजस्थान के पहाड़ी क्षेत्रों में लागू करने के लिए सरकार ने अब तक क्या कदम उठाए हैं।
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कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और न्यायाधीश संजीत पुरोहित की खंडपीठ ने यह निर्देश दिए। खंडपीठ झील संरक्षण समिति,बसंत होटल्स प्राइवेट लिमिटेड और उदयपुर चैंबर ऑफ कॉमर्स की तीन याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता महेंद्र सिंह सिंघवी ने कोर्ट को बताया कि केंद्र सरकार के ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स ने वर्ष 2023 में मानकीकृत विकास एवं भवन निर्माण नियम जारी किए हैं। इन नियमों का उद्देश्य देशभर में भवन निर्माण से जुड़े नियमों में समानता लाना और नियामक संस्थाओं की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाना है।
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कोर्ट को यह भी बताया गया कि इन नियमों में पहाड़ी और तटीय क्षेत्रों जैसी विशेष भौगोलिक परिस्थितियों वाले क्षेत्रों के लिए भी प्रावधान हैं। केंद्र ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार न्यूनतम बदलाव के साथ इन नियमों को अपनाने का आग्रह किया है। खंडपीठ ने अतिरिक्त महाधिवक्ता को निर्देश दिया कि राजस्थान के पहाड़ी क्षेत्रों में आने वाले शहरों के संबंध में इन नियमों को अपनाने और उनमें स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप बदलाव करने को लेकर सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी अगली सुनवाई में पेश की जाए। कोर्ट ने संबंधित पक्षों को जवाब और शपथपत्र दाखिल करने के निर्देश भी दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 18 अगस्त को होगी।
