एसओजी ने मेवाड़ यूनिवर्सिटी फर्जी डिग्री रैकेट के आरोपी को जोधपुर में पकड़ा
-बिचौलिया बनकर दिलाई थी फर्जी डिग्रियां
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),एसओजी ने मेवाड़ यूनिवर्सिटी फर्जी डिग्री रैकेट के आरोपी को जोधपुर में पकड़ा। राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) ने प्राध्यापक-हिन्दी (स्कूल शिक्षा) प्रतियोगी परीक्षा 2022 में फर्जी डिग्री के जरिए नौकरी हासिल करने के मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने जोधपुर से एक और गिरफ्तारी की है।
एसओजी ने जोधपुर कमिश्नरेट के झंवर थानान्तर्गत चोटियों की ढाणी,धवा निवासी अशोक विश्नोई उर्फ अशोक चोटिया पुत्र बाबूलाल विश्नोई को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि उसने मेवाड़ यूनिवर्सिटी, गंगरार के नाम पर फर्जी एमए (हिंदी) की डिग्री और मार्कशीट उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाई थी।
फार्मा कंपनी के गोदाम के ताले तोड़कर बुलेट चोरी का खुलासा, आरोपी गिरफ्तार
इस मामले में अब तक फर्जी डिग्री का इस्तेमाल करने वाली अभ्यर्थी समेत 15 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक विशाल बंसल ने बताया कि आरपीएससी में हिंदी लेक्चरर भर्ती के दौरान अभ्यर्थी ब्रह्मा कुमारी ने मेवाड़ यूनिवर्सिटी, गंगरार से जारी एमए (हिंदी) की डिग्री जमा कराई थी।
आयोग ने जब डॉक्यूमेंट्स का वेरिफिकेशन कराया तो पता चला कि यह डिग्री मेवाड़ यूनिवर्सिटी ने जारी ही नहीं की थी। इसके बाद मार्च 2024 में अजमेर के सिविल लाइंस थाने में मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान सामने आया कि अभ्यर्थी ने फर्जी डिग्री और झूठे शपथ पत्र के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल करने की कोशिश की थी।
वीडीओ 35 सौ रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार
जांच आगे बढ़ी तो एसओजी को पता चला कि अशोक विश्नोई उर्फ अशोक चोटिया ने इस पूरी प्रक्रिया में बिचौलिए की भूमिका निभाई। उसने महेंद्र सिंह राव के जरिए डॉ.सुरेश कुमार से संपर्क किया और उनकी बहन ब्रह्मा कुमारी के लिए फर्जी डिग्री और मार्कशीट की व्यवस्था करवाई। जांच में यह भी सामने आया कि अशोक ने मेवाड़ यूनिवर्सिटी के तत्कालीन डीन कौशल किशोर चंदुल से संपर्क कर यह फर्जी डॉक्यूमेंट्स उपलब्ध कराए।
