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42 लाख की धोखाधड़ी में वांछित मुख्य अभियुक्त गिरफ्तार

  • साइबर फ्रॉड
  • आरोपी कोलकाता पश्चिम बंगाल से पकड़ा गया
  • डेढ़ साल से था फरार

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),42 लाख की धोखाधड़ी में वांछित मुख्य अभियुक्त गिरफ्तार। कमिश्ररेट की बासनी पुलिस ने साइबर ठगी के प्रकरण में डेढ़ साल से फरार चल रहे एक मुख्य अभियुक्त को कोलकाता पश्चिम बंगाल से पकड़ा है।

आरोपी पर 42 लाख का फ्राड का केस बताया गया है। पुलिस काफी समय से उसकी तलाश में लगी थी। पश्चिम बंगाल में आरोपी के लिए तीन दिन तक पुलिस ने निगरानी रखी। आरोपी द्वारा प्रयुक्त म्यूल बैंक खातों की देश के विभिन्न राज्यों में लाखों रुपयों की साइबर ठगी भी सामने आई है।

पुलिस आयुक्त शरत कविराज व पुलिस उपायुक्त पश्चिम कमल शेखावत,पुलिस उपायुक्त मुख्यालय एवं यातायात शहीन सीके निर्देशानुसार व अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त नरेन्द्रसिंह देवड़ा व सहायक पुलिस आयुक्त, वृत्त पश्चिम छवि शर्मा के सुपरविजन में बासनी थानाधिकारी नितिन दवे के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया।

आरोपी को पकड़ा पश्चिम बंगाल से 
थानाधिकारी नितिन दवे ने बताया कि साइबर अपराधों में वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी की धरपकड़ के तहत करीबन 42 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में मुख्य आरोपी अभय उर्फ अवॉय पुत्र लक्ष्मी मंडल उर्फ लक्ष्मी कांत मंडल निवासी ग्राम रामपुरा, पुलिस थाना मोहनपुर,जिला मेदिनीपुर, पश्चिम बंगाल हाल 47/4 नबादिगोंटो कॉलोनी पुलिस स्टेशन पांचा सयार कोलकाता पश्चिम बंगाल को गिरफ्तार किया गया।

यह है मामला 
10 जनवरी 25 को परिवादी ललित कुमार ने पुलिस थाना साइबर जोधपुर आयुक्तापलय पर एक रिपोर्ट पेश की थी। इसमें बताया कि 14 नवंबर 24 को मेरे मोबाइल पर एक अन्जान युवती का फोन आया तथा मुझे वीवीआईपी क्लब फ्रेंडस फॉर एवर में जुडऩे का झांसा देकर सदस्यता शुल्क के शुरुआत में 1950 रुपये मांगे तत्पश्चात लगातार और रुपए भेजने तथा उक्त रुपयों को पुन: वापिस रिफंड भेजने का कहकर 14 नवंबर 2024 से 29 दिसम्बर 2024 तक कुल 42,23,141 रुपयों की साइबर ठगी कर रुपये अपने बैंक खातो में प्राप्त कर लिये तथा और ज्यादा रुपयों की डिमाण्ड की गई। इस पर शक गहराने पर मामला दर्ज कराया गया।

तकनीकि डाटा विश्लेषण किया गया 
थानाधिकारी नितिन दवे ने बताया कि प्रकरण दर्ज होने के पश्चात जनवरी 2025 में तकनीकि डाटा विश्लेषण एवं बैंक डिटेल के आधार पर ठग गिरोह के सरगना अश्विनी ओझा पुत्र अजय ओझा निवासी गांव रामपुरा मोहनपुर पुलिस थाना मोहनपुर जिला पश्चिम मिदिनपुर पश्चिम बंगाल को प्रयुक्त वाहन आई-20 कार मय वारदात में प्रयुक्त मोबाइल फोन लेपटॉप डायरियों सहित दस्तियाब किया गया था। मगर साइबर ठगी के मुख्य सरगना अभय उर्फ अवॉय मंडल घटना के पश्चात फरार हो गया।

उसे अब गिरफ्तार किया गया है।पुलिस टीम द्वारा संदिग्ध बैंक खातों,मोबाइल नंबरों, आईपी डिटेल,डिजिटल ट्रांजेक्शन एवं अन्य तकनीकी साक्ष्यों का गहनता से विश्लेषण किया गया जिससे आरोपी का अपने गांव रामपुरा नहीं होकर कोलकाता (पश्चिम बंगाल) में लोकेशन चिन्हित की गई।

कोलकाता पुलिस के साथ तीन दिन निगरानी 
एएसआई भूपेन्द्र सिंह, कांस्टेबल शंकरलाल,राजेश कांस्टेबल की टीम का गठन कर कोलकाता (पश्चिम बंगाल) भिजवायी गई। टीम द्वारा शहर के व्यस्ततम इलाके में लगातार तीन दिन तक निगरानी,रैकी की तथा सटीक सूचना के आधार पर आरोपी को किराए के मकान से दस्तयाब किया गया।

मजदूर वर्ग को बनाते निशाना 
प्रारम्भिक पूछताछ में आरोपी के साइबर ठगी गिरोह से जुड़े होने की जानकारी सामने आई है। आरोपी आमजन मजदूर वर्ग से किराये पर म्यूल बैंक खातें,फर्जी सिमें आदि प्राप्त कर आमजन को विभिन्न झांसो में लेकर उनसे साइबर धोखाधडी कर राशि प्राप्त करना सामने आया है।

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