तूफान में सूर्यनगरी बेपटरी जनजीवन बुरी तरह प्रभावित शहर में भारी नुकसान
- बरसात के कारण कई स्थानों पर भरा पानी
- गर्मी से मिली मामूली राहत
- शहर में बिजली हुई गुल
- सैकड़ों जगह विद्युत फाल्ट
- एफआरटी टीमें जुटी रही रात भर
- कई जगह तीन शेड उड़े
- होर्डिंग बिजली के पोल,तार गिरे
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),तूफान में सूर्यनगरी बेपटरी जनजीवन बुरी तरह प्रभावित शहर में भारी नुकसान। पश्चिम विक्षोभ का असर शनिवार को बड़े स्तर पर पश्चिमी राजस्थान में देखने को मिला। शनिवार की तडक़े जहां आधी तूफान आया वहीं शाम सात बजे फिर से तूफान ने सूर्यनगरी में तांडव मचाते हुए बड़ा भारी नुकसान कर दिया।
टूट रहे संयुक्त परिवार,विरूपित होते लोक संस्कार
इस तूफानी हवा से शहर में जनजीवन एक बारगी ठहर सा गया। शहर के कई स्थानों पर बड़े-बड़े पेड़ उखड़ गए तो कहीं कहीं पर बड़ी बड़ी इमारतों पर लगे स्ट्रक्चर उखड़ कर दूर तक जा गिरे। हालांकि कोई जनहानि नहीं हुई है। मगर शहर में तूफान ने एक से डेढ़ घंटे में पूरे शहर को अस्तव्यस्त कर डाला।

तेज तूफानी हवाओं के बाद जमकर बारिश भी हुई। कई जगहों पर विद्युत पोल उखड़ गए और बिजली के तार टूटकर गिर गए। देर रात जिला कलेक्टर आलोक रंजन ने सिविल डिफेंस के साथ मिलकर शहर का भ्रमण कर नुकसान का जायजा लिया।
पश्चिमी विक्षोभ का असर मारवाड़ में शनिवार को दूसरे दिन भी देखने को मिला। शनिवार तड़के दो बजे आंधी तूफान के साथ बारिश हुई थी,जिसके बाद मौसम साफ हो गया और भीषण गर्मी एवं उमस से कुछ राहत मिली। दिन में फिर से तपिश शुरू हो गई। शाम सात बजे धीरे-धीरे आंधी तूफान ग्रामीण क्षेत्रों से होते हुए शहर की तरफ बढ़ा और तबाही के निशां छोड़ गया।
शहर के भगत की कोठी रेलवे स्टेशन के पास विद्युत पोल को नुकसान पहुंचा तो पाल रोड पर एक मल्टी बिल्डिंग का स्ट्रक्चर उखड़ कर पास की दुकान पर जा गिरा। मथुरादास माथुर अस्पताल में पेड़ गिरा और उसके नीचे एक लोडिंग टैक्सी दब गई। शहर का शायद ही कोई ऐसा कोना बचा हो जहां पर नुकसान नहीं हुआ है।
कई मकानों पर लगे फाइबर ग्लास उखड़ कर अन्य घरों तक पहुंच गए। भीतरी शहर में घरों की छतों पर गर्मी से बचाव के लिए लगाए गए फाइबर शीट उखडक़र दूसरों के घरों पर जाकर गिरे। 80-100 किमी.की रफ्तार से चली तूफानी हवा ने शहर को मानों झकझोर दिया हो। शहर एक बारगी बेेपटरी हो गया। सडक़ों पर चलने वाले वाहन भी एक दूसरे से टकराए और कई लोग चोटिल भी हुए हैं।
आंधी-तूफान के चलते माता का थान से बनाड़ रोड जाने वाले मार्ग पर एक बड़ा पेड़ गिर गया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। वहीं चौपासनी स्थित हरिओम नगर के निकट बीआर बिड़ला स्कूल के पास एक विद्युत पोल पेड़ के साथ धराशायी हो गया। राहत की बात यह रही कि घटना के समय सडक़ पर यातायात नहीं होने से कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।
आज आए तूफानी हवा ने शहर के विद्युत तंत्र तहसनहस कर दिया। सैकड़ों जगह फॉल्ट हुए हैं। फॉल्ट रेक्टीफिकेशन (एफआरटी) टीमें रात भर फॉल्ट ठीक करने को जुटी रही। शाम सवा सात बजे से गई बिजली रात को खबर लिखे जाने तक नहीं आई। विभाग का कहना है कि फॉल्ट अधिक और बड़े होने से समय लग रहा है,फिलहाल विद्युत व्यवस्था सुचारु होने में समय लगेगा। देर तक बिजली जाने से लोगों के घरों के इनवर्टर भी जवाब दे गए।
