Doordrishti News Logo

गश्त में पकड़ा गया युवक निकला साइबर ठगों का म्यूल अकाउंटधारक

  • दो खातों में मिले 9.99 लाख के तीन संदिग्ध ट्रांजेक्शन
  • 35 लाख की ठगी से जुड़े तार

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),गश्त में पकड़ा गया युवक निकला साइबर ठगों का म्यूल अकाउंटधारक। शहर की रातानाडा थाना पुलिस ने गुरुवार को गश्त के समय भवाद निवासी लक्ष्मीनारायण नाम के संदिग्ध युवक को पकड़ा। बाद पूछताछ में साइबर ठगों के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराने वाला म्यूल अकाउंट ऑपरेटर निकला।

पुलिस जांच में उसके खातों में 9.99 लाख रुपए के संदिग्ध ट्रांजेक्शन मिले हैं। आरोपी के खातों के तार तमिलनाडु में हुई करोड़ों की साइबर ठगी के मामलों से भी जुड़े पाए गए हैं। रातानाडा थानाधिकारी दिनेश लखावत ने बताया कि रात्रि गश्त के दौरान लक्ष्मीनारायण को रोककर उसके मोबाइल और बैंक खातों की जांच की गई।

सेल्फी लेते हुए युवक कायलाना में डूबा

जांच में सामने आया कि तमिलनाडु के धर्मापुरी जिले में हुई 21 लाख रुपए और तिरुप्पुर में हुई 14 लाख रुपए की साइबर ठगी की रकम का हिस्सा उसके खातों में ट्रांसफर हुआ था। धर्मापुरी मामले में 4 लाख और तिरुप्पुर मामले में 5 लाख रुपए आरोपी के खाते में जमा हुए थे।

खाते में मिली बड़ी रकम 
पुलिस ने जब आरोपी के एसबीआई खाते की गहन पड़ताल की तो देश के विभिन्न राज्यों से साइबर ठगी से जुड़ी 14 शिकायतें सामने आई। इनमें सूरत से दर्ज एक शिकायत में 99 हजार रुपए इसी खाते में ट्रांसफर होना पाया गया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी के बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर अपराधियों द्वारा ठगी की रकम को इधर-उधर करने के लिए किया जा रहा था।

आरोपी का एसबीआई खाता कलेक्ट्रेट परिसर शाखा में संचालित होने के कारण रातानाडा थानाधिकारी दिनेश लखावत ने उसके खिलाफ उदयमंदिर थाने में आईटी एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज करवाया। आरोपी यह रकम चेक के जरिए विड्रॉ करता।

साइबर गिरोह का हिस्सा या कमीशन के लिए फ्रॉड 
मामले की जांच उदयमंदिर थानाधिकारी सीताराम खोजा को सौंपी गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी स्वयं साइबर गिरोह का हिस्सा है या फिर कमीशन के बदले अपने बैंक खाते उपलब्ध करवा रहा था। साथ ही उसके खातों में हुए अन्य ट्रांजेक्शनों की भी जांच की जा रही है।