जनजागरूकता एवं सीएमई का आयोजन

विश्व आपातकालीन चिकित्सा दिवस

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज), जन जागरूकता एवं सीएमई का आयोजन। डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के आपातकालीन चिकित्सा विभाग द्वारा विश्व आपातकालीन चिकित्सा दिवस के अवसर पर विभिन्न जन जागरूकता एवं शैक्षणिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आपात कालीन चिकित्सा स्क्वायर क्षेत्र में आमजन के लिए हीट संबंधी बीमारियों एवं AIS (लकवा) के प्रति जागरूकता हेतु एक नाटक (स्किट) प्रस्तुत किया गया।

इस कार्यक्रम में आपातकालीन चिकित्सा विभाग के रेजिडेंट्स एवं महात्मा गांधी नर्सिंग स्कूल के विद्यार्थियों ने स्थानीय भाषा में मनोरंजक एवं शिक्षाप्रद प्रस्तुति के माध्यम से हीट स्ट्रोक एवं लकवे की रोकथाम, पहचान एवं मरीज को अस्पताल तक पहुंचाने के दौरान किए जाने वाले प्राथमिक उपचार के बारे में जानकारी दी।

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कार्यक्रम की शुरुआत में डॉ.बबली जाट ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। इसके पश्चात आयोजित अंतरविभागीय सीएमई में डॉ.रश्मि दास गुप्ता ने स्ट्रोक प्रबंधन के नवीनतम (AIS 2026) दिशानिर्देशों पर व्याख्यान दिया। डॉ.गोपाल प्रजापति एवं डॉ.कुशांत जंजीर ने “कोड स्ट्रोक” के लिए संस्थागत एसओपी के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

इस अवसर पर डॉ.बीएस जोधा,प्राचार्य एवं नियंत्रक, डॉ.एसएन मेडिकल कॉलेज ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आपातकालीन चिकित्सा विभाग को इस जनजागरूकता पहल के लिए बधाई दी तथा आमजन से अपील की कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत अस्पताल पहुंचें एवं आवश्यक सावधानियां अपनाएं। उन्होंने यह भी कहा कि आपातकालीन चिकित्सा विभाग का संस्थान में सुदृढ़ रूप से स्थापित होना गर्व का विषय है और ऐसी गतिविधियां नियमित रूप से आयोजित होनी चाहिए।

मथुरादास माथुर अस्पताल के अधीक्षक डॉ.विकास राजपुरोहित ने अपने संबोधन में टीमवर्क के महत्व एवं आपात कालीन चिकित्सा की समय- संवेदी प्रकृति पर प्रकाश डाला तथा हीट संबंधी बीमारियों एवं स्ट्रोक की रोकथाम पर विशेष जोर दिया।

आपातकालीन चिकित्सा विभागाध्यक्ष डॉ.नवीन पालीवाल ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए प्राचार्य एवं अधीक्षक का निरंतर सहयोग एवं मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने विभाग के नर्सिंग स्टाफ की सराहना करते हुए उनके समर्पण एवं अथक प्रयासों को रेखांकित किया तथा महात्मा गांधी नर्सिंग स्कूल के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को सक्रिय सहभागिता के लिए धन्यवाद दिया।

सीएमई के दौरान उन्होंने आपातकालीन चिकित्सा में अंतरविभागीय समन्वय के महत्व को रेखांकित करते हुए इस वर्ष की थीम “Safe Space for Emergency Medicine Teams: Protecting Those Who Save Lives” पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आपात कालीन चिकित्सा टीम हर दिन जीवन रक्षक परिस्थितियों में कार्य करती है,जहां प्रत्येक सेकंड महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सामाजिक जिम्मेदारी है। सुरक्षित वातावरण में कार्य करने से ही मरीजों को बेहतर और सुरक्षित उपचार मिल सकता है।

अंत में उन्होंने सभी को विश्व आपातकालीन चिकित्सा दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आपातकालीन चिकित्सा टीमों की सुरक्षा,मरीजों की सुरक्षा है तथा मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था की आधारशिला है।