जांच पूरी होने के बाद ही मिलेगी फाइनल रिपोर्ट की कॉपी
हाईकोर्ट ने दोहराए सुप्रीम कोर्ट के निर्देश
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),जांच पूरी होने के बाद ही मिलेगी फाइनल रिपोर्ट की कॉपी। राजस्थान हाईकोर्ट ने एक याचिका पर महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा है कि एफआईआर दर्ज कराने वाले सूचना दाता या परिवादी को जांच पूरी होने के बाद पुलिस की अंतिम रिपोर्ट अथवा चालान की प्रति नि:शुल्क उपलब्ध कराना कानूनन आवश्यक है। कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं।
जस्टिस विनीत कुमार माथुर और जस्टिस सुनील बेनीवाल की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता ईश्वर प्रसाद की याचिका पर निर्देश दिए है। याचिकाकर्ता ईश्वर प्रसाद ने स्वयं कोर्ट में उपस्थित होकर दलील दी कि दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 173(2)(सेकंड) के तहत जांच एजेंसियों का दायित्व है कि वे जांच पूरी होने पर अंतिम रिपोर्ट की प्रति परिवादी को भी उपलब्ध कराएं।
सुनवाई के दौरान कोर्ट के समक्ष बताया गया कि हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल पहले ही 9 अप्रैल 2026 को इस संबंध में निर्देश जारी कर चुके हैं। यह आदेश सुप्रीम कोर्ट के चर्चित फैसले भगवंत सिंह बनाम कमिश्नर ऑफ पुलिस के अनुपालन में जारी किया गया था।
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खंडपीठ ने सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का उल्लेख करते हुए कहा कि एफआईआर दर्ज कराने वाला व्यक्ति जांच के परिणाम में प्रत्यक्ष रूप से रुचि रखता है। इसलिए पुलिस द्वारा मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत की गई रिपोर्ट और जांच में हुई कार्रवाई की जानकारी उसे देना आवश्यक है। कोर्ट ने माना कि हाईकोर्ट द्वारा पूर्व में जारी निर्देश पर्याप्त हैं,इसलिए अलग से नए आदेश की आवश्यकता नहीं है। हालांकि,सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के निर्देशों की पालना पूरी गंभीरता और भावना के साथ की जाए। इसके साथ ही याचिका का निस्तारण कर दिया गया।
